Flood – बिहार में बारिश और वज्रपात का कहर, पांच लोगों की हुई मौत
Flood – बिहार में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार को राज्य के कई जिलों में बारिश के साथ वज्रपात की घटनाएं सामने आईं, जिनमें पांच लोगों की जान चली गई। अलग-अलग जिलों में हुई इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन नियमों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए भी कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

अलग-अलग जिलों में वज्रपात से हुई मौतें
समस्तीपुर जिले के सरायरंजन क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 14 वर्षीय रंजीत कुमार और 40 वर्षीय कारी देवी की मौत हो गई, जबकि 16 वर्षीय छोटू कुमार गंभीर रूप से झुलस गया। लखीसराय के हलसी इलाके में भी वज्रपात की चपेट में आने से 57 वर्षीय वाल्मीकि चंद्रवंशी और 27 वर्षीय गिरीश कुमार की जान चली गई। गया जिले के शेरघाटी प्रखंड के बेलडीह गांव में स्कूल जा रहे 13 वर्षीय छात्र अंकुश राज की भी बिजली गिरने से मौत हो गई। सभी मामलों में स्थानीय प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कई जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर और सीतामढ़ी के कुछ इलाकों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा पटना, नालंदा और वैशाली के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने का भी अनुमान है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है।
भागलपुर में बारिश नहीं, उमस से बढ़ी परेशानी
भागलपुर में बुधवार को बारिश नहीं हुई, लेकिन तेज धूप और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। दिन का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन वर्षा नहीं होने से उमस लगातार बनी रही। कृषि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 16 से 19 जुलाई के बीच भागलपुर सहित दक्षिण बिहार के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
कोसी और सीमांचल में बढ़ा नदियों का जलस्तर
नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। कोसी, बागमती और महानंदा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। सुपौल जिले के तटबंध से सटे और निचले इलाकों में कोसी का पानी फैलने लगा है। मंगलवार रात कोसी बराज से 1.85 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया था, जबकि बुधवार शाम तक यह घटकर करीब 1.64 लाख क्यूसेक रह गया।
प्रशासन की निगरानी जारी
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नेपाल में हो रही वर्षा के कारण नदियों के जलस्तर में लगातार बदलाव हो रहा है। फिलहाल किसी भी जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बताई गई है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।