ZeptoIPO – लिस्टिंग से पहले अनलिस्टेड शेयरों में आई बड़ी गिरावट
ZeptoIPO – क्विक कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जेप्टो के अनलिस्टेड शेयरों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय कमजोरी देखने को मिली है। दिलचस्प बात यह है कि यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनी अपने बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारी को अंतिम रूप दे रही है और नियामकीय मंजूरी भी हासिल कर चुकी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक फिलहाल कंपनी के मूल्यांकन और वित्तीय प्रदर्शन को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।

दो महीनों में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट
अनलिस्टेड बाजार में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत में जेप्टो के शेयर लगभग 58 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इसके बाद इनमें लगातार दबाव बना रहा और वर्तमान में इनकी कीमत करीब 42 रुपये तक पहुंच गई है। इस तरह दो महीनों के भीतर शेयर में लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
यदि दिसंबर 2025 में बने करीब 68 रुपये के उच्च स्तर से तुलना की जाए, तो शेयर अपने शिखर से लगभग 40 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। इस गिरावट ने अनलिस्टेड बाजार के निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
IPO के जरिए बड़ी पूंजी जुटाने की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेप्टो अपने सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से 800 मिलियन डॉलर से 1 बिलियन डॉलर तक की राशि जुटाने की योजना बना रही है। भारतीय मुद्रा में यह आंकड़ा लगभग 7,500 करोड़ रुपये से 9,300 करोड़ रुपये के बीच बैठता है।
जानकारी के मुताबिक, कंपनी अगले कुछ महीनों के भीतर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकती है। लिस्टिंग के बाद यह भारतीय शेयर बाजार में क्विक कॉमर्स कारोबार पर केंद्रित प्रमुख कंपनियों में शामिल हो जाएगी। इसी वजह से निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजर इस IPO पर बनी हुई है।
कारोबार में जारी है तेज विस्तार
शेयर कीमतों में गिरावट के बावजूद कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में वृद्धि देखने को मिल रही है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पहले जहां कंपनी प्रतिदिन लगभग 15 से 17 लाख ऑर्डर पूरे कर रही थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 25 लाख से अधिक हो गई है।
जेप्टो अपने डार्क स्टोर नेटवर्क का विस्तार भी तेजी से कर रही है। देश के कई शहरों में नए केंद्र जोड़े जा रहे हैं, जिससे तेज डिलीवरी सेवा को और मजबूत बनाया जा सके। कंपनी की रणनीति क्विक कॉमर्स बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने पर केंद्रित दिखाई देती है।
निवेशकों की नजर लाभप्रदता पर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक केवल कारोबार के विस्तार को नहीं, बल्कि कंपनी की वित्तीय स्थिति को भी बारीकी से देख रहे हैं। कई निवेशकों के मन में यह सवाल बना हुआ है कि कंपनी कब तक स्थायी लाभप्रदता हासिल कर पाएगी।
विश्लेषकों का मानना है कि संभावित निवेशकों को कंपनी के DRHP का अध्ययन करना चाहिए। इसमें राजस्व, घाटा, नकदी प्रवाह और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी। केवल IPO को लेकर बन रहे उत्साह के आधार पर निवेश निर्णय लेना उचित नहीं माना जा रहा है।
अनलिस्टेड बाजार पर भी दिख रहा असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी अनलिस्टेड बाजार के प्रदर्शन को प्रभावित कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुख पहले की तुलना में अधिक सावधानीपूर्ण हो गया है।
इसके अलावा हाल के समय में बड़े IPO की संख्या सीमित रहने से भी अनलिस्टेड शेयरों में कारोबार की गति प्रभावित हुई है। हालांकि जेप्टो के साथ-साथ कुछ अन्य चर्चित कंपनियों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी अब भी बनी हुई है, क्योंकि उनकी संभावित लिस्टिंग को बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।