उत्तराखण्ड

Gangster – दस साल बाद जेल से बाहर आया कुख्यात चीनू पंडित

Gangster – करीब एक दशक तक जेल में रहने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अपराध जगत से जुड़ा चर्चित नाम चीनू पंडित रिहा हो गया है। अदालत से सशर्त जमानत मिलने के बाद उसकी रिहाई को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से ही सतर्क थीं। जेल से बाहर निकलने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को असाधारण रूप से मजबूत रखा गया और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों का मानना है कि उसकी रिहाई के बाद पुराने आपराधिक समीकरण फिर सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखी जा रही है।

chinu pandit released after ten years jail

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

चीनू पंडित और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात सुनील राठी गिरोह के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। दोनों गुटों के बीच बीते वर्षों में कई हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में चीनू की रिहाई के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक पुलिस महकमा सतर्क हो गया है। खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी संभावित गैंगवार या आपराधिक गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सके।

जेल में रहते हुए भी बनाए रखा प्रभाव

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्षों की गैंगवार और लगातार पुलिस कार्रवाई के कारण चीनू पंडित का नेटवर्क पहले की तुलना में कमजोर हुआ है। उसके कई करीबी सहयोगी या तो मारे गए या फिर गिरफ्तार हुए। इसके बावजूद जांच एजेंसियों का कहना है कि उसने जेल में रहते हुए भी अपने संपर्क बनाए रखे और गिरोह को सक्रिय रखने की कोशिश की।

हाल के समय में उसके गिरोह से जुड़े कुछ संदिग्धों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार भी किया गया था। इसी वजह से पुलिस को आशंका है कि रिहाई के बाद वह पुराने नेटवर्क को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर सकता है।

2014 की गैंगवार अब भी यादगार

चीनू पंडित की रिहाई को लेकर प्रशासन की चिंता का एक बड़ा कारण वर्ष 2014 की वह चर्चित घटना भी है, जब रुड़की उपकारागार के बाहर दिनदहाड़े फायरिंग हुई थी। उस समय जमानत पर बाहर निकल रहे चीनू और उसके साथियों पर प्रतिद्वंद्वी गिरोह ने हमला कर दिया था।

इस हमले में उसके तीन करीबी सहयोगियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस घटना ने पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी थी। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए इस बार रिहाई के दौरान विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए।

आकाश त्यागी हत्याकांड के बाद हुई थी गिरफ्तारी

चीनू पंडित वर्ष 2016 में चर्चित आकाश त्यागी हत्याकांड के मामले में जेल गया था। यह घटना रुड़की के एक बार में हुई थी, जिसने उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं। बाद में उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं और गैंगस्टर कानून के तहत भी कार्रवाई की गई। संबंधित मामलों में अदालत से राहत मिलने के बाद अब उसे जमानत पर रिहाई मिली है।

पुरानी रंजिश बनी चिंता का विषय

अपराध जगत के जानकारों के अनुसार, चीनू पंडित और सुनील राठी के बीच टकराव की शुरुआत क्षेत्रीय प्रभाव और आपराधिक वर्चस्व की लड़ाई से हुई थी। समय के साथ यह संघर्ष कई हिंसक घटनाओं में बदल गया। वर्ष 2012 से 2014 के बीच दोनों गुटों के नाम हत्या, रंगदारी और हमले जैसे कई मामलों में सामने आए।

अभी भी लंबित हैं कानूनी मामले

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चीनू पंडित के खिलाफ कुछ मामले अभी भी अदालत में विचाराधीन हैं। हालांकि उसके पुराने कई मामलों का निस्तारण हो चुका है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। इसी कारण उसकी गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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