KarnatakaPolitics – डीके शिवकुमार ने संभाली कमान, पहली कैबिनेट में युवाओं पर विशेष जोर
KarnatakaPolitics – कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच डीके शिवकुमार ने बुधवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर लिया। बेंगलुरु स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक प्राथमिकताओं और राजनीतिक संतुलन को लेकर कई संकेत भी सामने आए हैं। शपथ ग्रहण के कुछ ही समय बाद आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई फैसलों को मंजूरी दी गई।

नई टीम में अनुभवी नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के साथ सरकार के शुरुआती मंत्रिमंडल में 12 अन्य नेताओं को भी शामिल किया गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्हें राज्य की राजनीति में एक प्रमुख दलित चेहरे के रूप में देखा जाता है।
नई कैबिनेट की संरचना पर नजर डालें तो इसमें कई ऐसे नेता शामिल हैं जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी माना जाता है। इससे यह संकेत भी मिला है कि सरकार में अनुभव और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि पार्टी नेतृत्व ने विभिन्न गुटों के बीच तालमेल कायम रखने पर विशेष ध्यान दिया है।
केपीसीसी अध्यक्ष पद को लेकर भी रही हलचल
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद का नाम भी चर्चा में रहा। कार्यक्रम में मौजूद कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अटकलें तेज हो गईं। बाद में पार्टी की ओर से उनके नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।
इस घटनाक्रम को राज्य कांग्रेस संगठन में नई जिम्मेदारियों के बंटवारे के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं के लिए कई घोषणाएं
मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए युवा केंद्रित विकास मॉडल की रूपरेखा पेश की।
बैठक में स्कूल से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस पास योजना को मंजूरी दी गई। निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक विशेष रोजगार पोर्टल शुरू करने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने की घोषणा की गई।
सरकार ने राज्यभर में 10 हजार युवा क्लब स्थापित करने की योजना भी पेश की है। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। कुछ आवासीय निर्माण परियोजनाओं में भवन नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
शपथ ग्रहण में परंपरा और संविधान दोनों का संदेश
शपथ ग्रहण के दौरान डीके शिवकुमार ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर पद की शपथ ली। उन्होंने तुमकुरु जिले के प्रतिष्ठित शैव संत वीरा गंगाधर अज्जैया का भी स्मरण किया। इस दौरान परंपरा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी।
नई कैबिनेट के गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा गया है। वोक्कालिगा, लिंगायत और अनुसूचित जाति समुदाय से तीन-तीन मंत्रियों को जगह दी गई है। वहीं कुरुबा समुदाय को दो मंत्री पद मिले हैं। अनुसूचित जनजाति, मुस्लिम और ईसाई समुदाय से भी एक-एक प्रतिनिधि को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ सकती है मंत्रियों की संख्या
कर्नाटक में मंत्रिपरिषद की स्वीकृत क्षमता 34 सदस्यों की है, जबकि फिलहाल सीमित संख्या में मंत्रियों ने शपथ ली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 18 जून को प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इसे कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन के रूप में भी देखा जा रहा है।