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RajyaSabha – ओडिशा उपचुनाव में देबाशीष सामंतराय पर BJP ने जताया भरोसा

RajyaSabha – ओडिशा की राजनीति में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता देबाशीष सामंतराय को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। खास बात यह है कि सामंतराय ने हाल ही में बीजू जनता दल (BJD) छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी और कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें पार्टी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी है।

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BJD छोड़ने के बाद बदला राजनीतिक समीकरण

देबाशीष सामंतराय का नाम ओडिशा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय नेताओं में गिना जाता है। वह तीन बार विधायक रहने के साथ-साथ संसद के उच्च सदन का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। फरवरी 2024 में उन्हें BJD ने राज्यसभा भेजा था और उनका कार्यकाल वर्ष 2030 तक निर्धारित था। हालांकि, उन्होंने 25 मई को अचानक पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों को चौंका दिया।

इस्तीफे के अगले ही दिन उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली। इसके बाद से ही यह चर्चा शुरू हो गई थी कि भाजपा उन्हें किसी बड़ी भूमिका में ला सकती है। अब पार्टी द्वारा राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद इन अटकलों को बल मिला है।

पार्टी छोड़ने पर क्या बोले सामंतराय

भाजपा में शामिल होने के बाद देबाशीष सामंतराय ने अपने पुराने दल से दूरी बनाने के कारणों पर भी खुलकर बात की। उनका कहना है कि BJD में उनकी राजनीतिक भूमिका लगातार सीमित होती जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व तक उनकी पहुंच पहले जैसी नहीं रह गई थी।

सामंतराय ने दावा किया कि संगठन के भीतर कुछ परिस्थितियों के चलते वह अपने विचार और सुझाव प्रभावी ढंग से नहीं रख पा रहे थे। इसी वजह से उन्होंने नया राजनीतिक रास्ता चुनने का फैसला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और देश के विकास से जुड़े विजन को भाजपा में शामिल होने की प्रमुख प्रेरणा बताया।

भाजपा की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा फैसला

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम केवल एक उम्मीदवार घोषित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे व्यापक राजनीतिक रणनीति भी हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने ओडिशा में अपना आधार मजबूत करने के लिए कई ऐसे नेताओं को साथ जोड़ा है जो पहले BJD से जुड़े रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सामंतराय को उम्मीदवार बनाकर भाजपा यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि पार्टी में शामिल होने वाले अनुभवी नेताओं को उचित अवसर दिया जाता है। इससे राज्य की राजनीति में भाजपा की पकड़ और मजबूत होने की संभावना भी देखी जा रही है।

उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू

चुनाव आयोग ने इस राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया का कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है। अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यदि आवश्यकता हुई तो मतदान 18 जून को कराया जाएगा।

विधानसभा में वर्तमान संख्याबल को देखते हुए भाजपा की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन है, जिससे उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ जाती है।

विपक्ष की भूमिका पर नजर

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस उपचुनाव में विपक्षी दलों की रणनीति क्या होगी। अब तक ऐसी कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई है कि BJD या कांग्रेस इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेंगी। यदि विपक्ष चुनावी मुकाबले से दूर रहता है, तो सामंतराय का राज्यसभा पहुंचना और आसान हो सकता है।

फिलहाल भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा के बाद ओडिशा की राजनीति में नई हलचल दिखाई दे रही है और आगामी दिनों में इस उपचुनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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