Paras Defence Stock – मजबूत ऑर्डर बुक से शेयर ने बनाया नया शिखर
Paras Defence Stock – रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज के शेयरों में हाल के दिनों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। मंगलवार के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 7 प्रतिशत से अधिक उछलकर 1047.65 रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर है। लगातार बढ़ती निवेशकों की रुचि और कंपनी को मिल रहे नए ऑर्डर इस तेजी के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में शेयर ने मजबूत प्रदर्शन किया है। केवल पांच दिनों में इसमें 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज हुई, जबकि बीते छह महीनों में निवेशकों को 55 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न मिला है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सरकारी निवेश और ऑर्डर फ्लो का लाभ कंपनी को मिल रहा है।
निचले स्तर से शानदार वापसी
पारस डिफेंस के शेयरों ने अपने 52 सप्ताह के न्यूनतम स्तर से उल्लेखनीय रिकवरी दिखाई है। मार्च 2026 में कंपनी का शेयर करीब 580 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि अब यह 1000 रुपये के पार पहुंच चुका है।
यदि लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले तीन वर्षों में कंपनी के शेयरों ने 270 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की है। इस दौरान रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते अवसरों ने कंपनी की बाजार स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स से मिला नया अनुबंध
हाल ही में कंपनी को सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) से नया ऑर्डर प्राप्त हुआ है। कंपनी की नियामकीय जानकारी के अनुसार, यह अनुबंध इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स उपकरणों की आपूर्ति से संबंधित है।
इस ऑर्डर का कुल मूल्य 52.82 करोड़ रुपये बताया गया है। कंपनी को निर्धारित समयसीमा के भीतर, सितंबर 2027 तक या उससे पहले इस परियोजना को पूरा करना होगा। निवेशकों के लिए यह ऑर्डर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे कंपनी की ऑर्डर बुक और राजस्व संभावनाएं मजबूत होती हैं।
DRDO से भी मिला था काम
BEL के अनुबंध से पहले कंपनी को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) से भी एक परियोजना मिली थी। यह ऑर्डर लगभग 7.72 करोड़ रुपये का था। लगातार मिल रहे सरकारी और रक्षा क्षेत्र के अनुबंधों ने कंपनी के प्रति बाजार का भरोसा बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की सरकारी नीति का लाभ इस क्षेत्र की कंपनियों को लंबे समय तक मिल सकता है। पारस डिफेंस भी उन कंपनियों में शामिल है जो इस अवसर का लाभ उठाने की स्थिति में दिखाई दे रही हैं।
शेयर विभाजन के बाद बढ़ी निवेशकों की भागीदारी
कंपनी ने वर्ष 2025 में अपने शेयरों का विभाजन किया था। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को 5-5 रुपये फेस वैल्यू के दो शेयरों में बांटा गया था। आमतौर पर इस तरह के कदम से छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ती है और शेयर में तरलता बेहतर होती है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 53.20 प्रतिशत है, जबकि शेष हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों के पास है। यह संरचना निवेशकों के बीच संतुलित भागीदारी को दर्शाती है।
तिमाही नतीजों ने भी बढ़ाया भरोसा
कंपनी के हालिया वित्तीय परिणाम भी मजबूत रहे हैं। चौथी तिमाही में पारस डिफेंस का शुद्ध लाभ बढ़कर 34 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 89 प्रतिशत अधिक है।
राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी की आय सालाना आधार पर 58 प्रतिशत बढ़कर 171 करोड़ रुपये रही। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और लगातार मिल रहे नए ऑर्डर निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रहे हैं, जिसके चलते कंपनी का शेयर बाजार में बेहतर प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है।