CyberFraud – फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जाल में फंसकर बुजुर्ग ने गंवाए लाखों रुपये
CyberFraud – देहरादून में एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने कथित तौर पर एक वीडियो में केंद्रीय वित्त मंत्री की छवि का उपयोग कर भरोसा पैदा किया और फिर निवेश के नाम पर उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। जब पीड़ित को धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पैसे निकालने का प्रयास किया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शास्त्रीनगर निवासी 62 वर्षीय सुदर्शन सिंह रावत ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा एक प्रचार वीडियो देखा था। वीडियो में निवेश से जुड़े आकर्षक दावे किए गए थे, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने एक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा लिया। इसके कुछ समय बाद उन्हें विदेशी नंबरों से लगातार कॉल आने लगे और निवेश की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
छोटे निवेश से जीता भरोसा
पीड़ित के अनुसार शुरुआत में खुद को वित्तीय सलाहकार बताने वाले लोगों ने उनसे सीमित राशि निवेश करने को कहा। इसे शुरुआती या बेसिक निवेश योजना बताया गया। पहले निवेश पर कथित लाभ दिखाकर उनका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद उन्हें अधिक कमाई का भरोसा दिलाते हुए बड़ी योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
रावत को वेबसाइट पर उनके निवेश और मुनाफे का विवरण नियमित रूप से दिखाई देता रहा, जिससे उन्हें यह प्रक्रिया वास्तविक लगती रही। इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने समय-समय पर और धनराशि जमा की।
अकाउंट फ्रीज होने के बाद बढ़ा संदेह
कुछ समय बाद अचानक उनका निवेश खाता निष्क्रिय कर दिया गया। जब उन्होंने अपनी जमा राशि वापस लेने का प्रयास किया तो बहुत कम रकम ही उनके खाते में लौटी। इसके बाद उन्होंने संबंधित लोगों से संपर्क किया, जिन्होंने खाता दोबारा सक्रिय करने के नाम पर और धन जमा कराने की मांग की।
पीड़ित ने बताया कि खाते को अनलॉक कराने और निवेश सुरक्षित रखने के बहाने उनसे कई बार अतिरिक्त राशि जमा कराई गई। इसके बावजूद वे अपनी पूरी रकम वापस प्राप्त नहीं कर सके। लगातार बहाने बनाए जाने के बाद उन्हें धोखाधड़ी की आशंका हुई।
जांच में सामने आई वेबसाइट की सच्चाई
संदेह होने पर रावत ने स्वयं वेबसाइट और कंपनी के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता संदिग्ध है और उसका आवश्यक पंजीकरण भी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसियां धनराशि के लेनदेन, उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों और वेबसाइट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
निवेश से पहले बरतें सावधानी
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन निवेश से पहले किसी भी वेबसाइट की प्रामाणिकता की जांच करना बेहद जरूरी है। केवल आकर्षक विज्ञापन या बड़े मुनाफे के दावों के आधार पर निवेश नहीं करना चाहिए। किसी भी प्लेटफॉर्म पर धन लगाने से पहले उसके पंजीकरण, लाइसेंस और आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि वेबसाइट के पते, सुरक्षा प्रमाणन और स्वामित्व संबंधी जानकारी की जांच की जाए। यदि कोई कंपनी असामान्य रूप से अधिक लाभ का दावा कर रही हो या लगातार जल्द निवेश करने का दबाव बना रही हो, तो अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है।
साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत
पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। ऐसे में लोगों को सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले प्रचार वीडियो और अनजान कॉल्स के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध निवेश प्रस्ताव की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित एजेंसियों से संपर्क करें।