CabinetDecision – बिहार में उद्योग विस्तार, खिलाड़ियों को नौकरी समेत कई अहम फैसलों को मिली मंजूरी
CabinetDecision – बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, खेल, प्रशासन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में लिए गए निर्णयों का उद्देश्य औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाना और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना बताया गया है। सरकार ने कई जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से लेकर खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति और भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव तक कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई।

सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र
राज्य सरकार ने सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी है। सहरसा में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए 420 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित की जाएगी, जिस पर करीब 88 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं पूर्णिया में नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि खरीद पर 125 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
कैमूर जिले में भी बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास की योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित क्षेत्रों में लगभग 781 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस परियोजना पर 230 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
विभागीय लिपिकों के लिए बनेगा एकीकृत संवर्ग
कैबिनेट ने विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत लिपिकों को एक समान संवर्ग में शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत सड़क निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य, योजना एवं विकास तथा नगर विकास जैसे विभागों के लिपिकों को एकीकृत ढांचे में लाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी।
निरीक्षण भवनों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा
जल संसाधन विभाग के अधीन संचालित 217 निरीक्षण भवनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त गेस्ट हाउस और ईको-टूरिज्म केंद्रों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। बांधों, जलाशयों और बराजों के निकट स्थित इन परिसरों को पर्यटन गतिविधियों के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल
सरकार ने अभियंत्रण सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब संविदा पर कार्यरत सहायक अभियंताओं को मिलने वाले अतिरिक्त अंकों का लाभ केवल एक बार ही मिलेगा। इससे एक ही अभ्यर्थी के कई विभागों में चयनित होने की स्थिति पर रोक लगेगी और अन्य उम्मीदवारों को भी अवसर मिल सकेगा।
इसके अलावा शोध सहायक पद की नियुक्ति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इंटरव्यू समाप्त करने का फैसला लिया गया है। चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।
युवाओं के लिए आयु सीमा में राहत
नागरिक सुरक्षा विभाग में आशुलिपिक पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया है। अब इंटरमीडिएट उत्तीर्ण युवा भी इस पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे अधिक संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
खिलाड़ियों को बेहतर वेतनमान पर नियुक्ति
राज्य कैबिनेट ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति से जुड़ी संशोधित नियमावली को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को उच्च वेतनमान वाली सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी जाएगी। पदक विजेताओं और राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग वेतन स्तर निर्धारित किए गए हैं।
खनन और नदी अध्ययन से जुड़े फैसले
राज्य में पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी प्रक्रिया को तेज करने के लिए बिहार राज्य खनन निगम को आवश्यक पर्यावरणीय और तकनीकी स्वीकृतियां प्राप्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही सोन, किऊल, फल्गू, मोरहर और चानन जैसी प्रमुख नदियों में गाद और बालू जमाव की स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कराने का निर्णय भी लिया गया है। यह अध्ययन विशेषज्ञ संस्थान के माध्यम से कराया जाएगा ताकि भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।