SugarFree – जानें लंबे समय तक चीनी से दूरी बनाने पर स्वास्थ्य पर क्या पड़ता है असर…
SugarFree – स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की कोशिश में बड़ी संख्या में लोग अपने भोजन से चीनी की मात्रा कम कर रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जो वजन नियंत्रित करने, फिटनेस बढ़ाने या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से चीनी को पूरी तरह छोड़ देते हैं। इसी बीच एक नई वैज्ञानिक चर्चा ने इस विषय को फिर से केंद्र में ला दिया है। अमेरिका के शिकागो में आयोजित एंडोक्राइन सोसाइटी की वार्षिक बैठक ENDO 2026 में प्रस्तुत एक अध्ययन ने संकेत दिया है कि आहार से चीनी को पूरी तरह हटाना हर व्यक्ति के लिए हमेशा लाभकारी नहीं हो सकता।

अध्ययन में क्या सामने आया
शोधकर्ताओं के अनुसार, शरीर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्रोतों का उपयोग करता है, जिनमें कार्बोहाइड्रेट भी शामिल हैं। चीनी को पूरी तरह छोड़ देने पर शरीर की कुछ जैविक प्रक्रियाओं में बदलाव आ सकता है। अध्ययन में यह देखा गया कि लंबे समय तक अत्यधिक प्रतिबंधात्मक आहार अपनाने वाले लोगों में ऊर्जा स्तर, भूख से जुड़े हार्मोन और कुछ चयापचय संबंधी संकेतकों पर प्रभाव दिखाई दे सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि अधिक चीनी का सेवन सुरक्षित या लाभदायक है।
संतुलन पर विशेषज्ञों का जोर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से यह सलाह देते रहे हैं कि परिष्कृत चीनी का सेवन सीमित रखा जाए, लेकिन उसे पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की संतुलित आपूर्ति मिलना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति बिना विशेषज्ञ सलाह के अत्यधिक प्रतिबंधात्मक डाइट अपनाता है, तो कुछ मामलों में पोषण संबंधी असंतुलन की संभावना बढ़ सकती है।
प्राकृतिक और अतिरिक्त चीनी में अंतर
पोषण विशेषज्ञ इस बात पर भी ध्यान दिलाते हैं कि सभी प्रकार की चीनी एक जैसी नहीं होती। फलों, दूध और कुछ अन्य प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में मौजूद प्राकृतिक शर्करा के साथ फाइबर, विटामिन और अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं। दूसरी ओर, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों और मीठे पेय में मौजूद अतिरिक्त चीनी का अधिक सेवन स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए केवल “चीनी छोड़ने” की बजाय यह समझना जरूरी है कि किस प्रकार की चीनी का सेवन किया जा रहा है।
वजन और स्वास्थ्य पर प्रभाव
कई लोग वजन कम करने के उद्देश्य से चीनी का सेवन घटाते हैं और कई मामलों में इससे लाभ भी देखने को मिलता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चीनी हटाना ही पर्याप्त नहीं है। संपूर्ण आहार, शारीरिक गतिविधि, नींद और जीवनशैली की अन्य आदतें भी स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। यदि चीनी छोड़ने के बाद उसकी जगह अत्यधिक प्रोसेस्ड या असंतुलित खाद्य पदार्थ शामिल कर लिए जाएं, तो अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाते।
क्या है सही तरीका
विशेषज्ञों की राय है कि चीनी का सेवन कम करना स्वास्थ्य के लिए उपयोगी कदम हो सकता है, लेकिन इसे संतुलित और व्यावहारिक तरीके से अपनाना चाहिए। किसी भी बड़े आहार परिवर्तन से पहले पोषण विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर माना जाता है। ENDO 2026 में प्रस्तुत अध्ययन ने भी यही संकेत दिया है कि स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेते समय संतुलन और वैज्ञानिक समझ को प्राथमिकता देना आवश्यक है।