अंतर्राष्ट्रीय

HormuzStrait – वार्ता के बीच ईरान ने होर्मुज को लेकर दिया नया संकेत

HormuzStrait – अमेरिका के साथ जारी कूटनीतिक बातचीत के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। ईरान की ओर से वार्ता का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने कहा है कि क्षेत्र की परिस्थितियां अब पहले जैसी नहीं रहेंगी और होर्मुज के संचालन से जुड़े फैसले ईरानी प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में ही होंगे। उनका कहना था कि संघर्ष से पहले जिस तरह समुद्री गतिविधियां संचालित हो रही थीं, भविष्य में उसी स्वरूप की वापसी की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं होगा।

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स्विट्जरलैंड वार्ता के बाद सामने आई नई पहल

स्विट्जरलैंड में हुई बैठकों से लौटने के बाद गलिबाफ ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक विशेष टेलीफोनिक हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति बनाई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य समुद्री गतिविधियों से जुड़ी गलतफहमियों को समय रहते दूर करना और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से विभिन्न देशों के बीच संचार बेहतर होगा और अनावश्यक तनाव की स्थिति बनने से रोका जा सकेगा।

समुद्री यातायात के लिए समन्वय तंत्र पर सहमति

ईरानी प्रतिनिधि के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक समन्वय तंत्र विकसित करने पर भी सहमत हुए हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत समुद्री मार्गों का उपयोग करने वाले जहाज आवश्यकता पड़ने पर सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे। उनका कहना है कि यह प्रणाली सुरक्षा मानकों को मजबूत करेगी और समुद्री यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेगी।

अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन का दावा

गलिबाफ ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री नियमों के दायरे में रहकर काम करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि क्षेत्र के अन्य हिस्सों, विशेषकर लेबनान, में तनाव बढ़ता है तो उसका असर होर्मुज क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। ऐसे हालात में प्रस्तावित हॉटलाइन संभावित विवादों को नियंत्रित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकती है।

लेबनान को लेकर भी बनी सहमति

रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत के दौरान लेबनान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्ष कथित तौर पर ऐसे एक संयुक्त प्रकोष्ठ के गठन पर सहमत हुए हैं, जो लेबनान में संघर्ष कम करने और संबंधित प्रतिबद्धताओं के पालन की निगरानी करेगा। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं और कई पक्ष स्थिरता बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

समझौते की सफलता पर टिकी निगाहें

विश्लेषकों का मानना है कि लेबनान से जुड़े मसलों पर प्रगति किसी भी व्यापक समझौते की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण होगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हालिया प्रगति का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि जमीनी स्तर पर होने वाले घटनाक्रम इस प्रक्रिया की वास्तविक परीक्षा साबित होंगे।

नौवहन और सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा

अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक के अनुसार, बर्गेनस्टॉक में हुई वार्ता के दौरान कई संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालिया बयानों के कारण उत्पन्न अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय तनाव को कम करने के उपाय शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा को वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बताया।

परमाणु मुद्दे पर तकनीकी बातचीत जारी

सूत्रों के मुताबिक, भविष्य में संभावित परमाणु समझौते के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों ने तकनीकी स्तर की वार्ताओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता का पहला चरण करीब 18 घंटे तक चला और इसमें कई जटिल मुद्दों पर चर्चा की गई।

हालांकि अगले दौर की बैठकों की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन संकेत हैं कि बातचीत जल्द ही आगे बढ़ सकती है। दोनों पक्ष परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं।

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