IndiaCap – खिलाड़ियों के कार्यभार पर बोले गावस्कर, आराम नीति पर उठाए सवाल…
IndiaCap – भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों के बढ़ते कार्यभार और राष्ट्रीय टीम में लगातार हो रहे बदलावों को लेकर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों पर लगातार क्रिकेट खेलने का दबाव बढ़ता जा रहा है, ऐसे में उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

हाल ही में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली गई टेस्ट और वनडे श्रृंखला के बाद गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए बेहतर कार्य-प्रबंधन की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर खिलाड़ी को अपने करियर के दौरान किसी एक कैलेंडर वर्ष में लंबा विश्राम दिया जाना चाहिए, ताकि वह पूरी तरह तरोताजा होकर मैदान पर लौट सके।
लगातार क्रिकेट को लेकर जताई चिंता
गावस्कर का यह बयान ऐसे समय आया है जब आईपीएल 2026 के समापन के कुछ ही दिनों बाद भारतीय टीम अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उतर गई थी। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को लगातार अलग-अलग प्रारूपों में खेलने के कारण पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।
पूर्व कप्तान ने कहा कि क्रिकेट का मौजूदा कार्यक्रम काफी व्यस्त हो चुका है और खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखने के लिए संतुलित कार्यक्रम तैयार करना जरूरी है। उनके अनुसार, लंबे समय तक लगातार खेलने से प्रदर्शन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
छोटे क्रिकेट देशों के समर्थन पर भी रखी राय
गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड की उस भूमिका की भी सराहना की, जिसके तहत भारत कई उभरती और विकासशील क्रिकेट टीमों के साथ नियमित श्रृंखलाएं आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा क्रिकेट जगत में एक जिम्मेदार और सहयोगी भूमिका निभाता रहा है।
हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अन्य देशों की मदद करने के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों के हितों और उनके कार्यभार को भी ध्यान में रखना उतना ही महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि किसी भी निर्णय में खिलाड़ियों की दीर्घकालिक फिटनेस को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय टीम में चयन को लेकर टिप्पणी
पूर्व भारतीय कप्तान ने राष्ट्रीय टीम में चयन और रोटेशन नीति पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत की टीम में जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए सम्मान की बात होती है और इसे विशेष महत्व मिलना चाहिए।
गावस्कर के अनुसार, राष्ट्रीय टीम की कैप मेहनत, निरंतर प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर हासिल की जानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि अत्यधिक रोटेशन और लगातार बदलाव से राष्ट्रीय टीम में चयन की विशिष्टता प्रभावित हो सकती है।
दर्शकों की उपस्थिति पर भी उठाया मुद्दा
भारत और अफगानिस्तान के बीच हाल में खेली गई श्रृंखला के दौरान स्टेडियमों में दर्शकों की संख्या भी चर्चा का विषय रही। कई मुकाबलों में दर्शकों की उपस्थिति उम्मीद से कम रही, जिसे लेकर भी सवाल उठे।
गावस्कर का मानना है कि क्रिकेट कैलेंडर की योजना बनाते समय दर्शकों की रुचि, खिलाड़ियों की उपलब्धता और मुकाबलों के महत्व जैसे पहलुओं पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इससे खेल की गुणवत्ता और दर्शकों का जुड़ाव दोनों बेहतर रह सकते हैं।
खिलाड़ी कल्याण को प्राथमिकता देने की सलाह
पूर्व बल्लेबाज ने जोर देकर कहा कि खिलाड़ियों की फिटनेस और मानसिक ताजगी भविष्य की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि बोर्ड को लंबी अवधि की योजना बनाकर खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त विश्राम और पुनर्वास का समय सुनिश्चित करना चाहिए।
उनके अनुसार, प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के इस दौर में केवल मैचों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए आवश्यक परिस्थितियां उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।