IPO – 145 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ खुला CSM Technologies का सार्वजनिक निर्गम
IPO – आईटी क्षेत्र से जुड़ी कंपनी CSM Technologies का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 24 जून 2026 से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए पूंजी बाजार से लगभग 145.78 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, यानी मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपने शेयरों की बिक्री नहीं कर रहे हैं। कंपनी कुल 1.29 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जिनके माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग विभिन्न कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

निवेशकों के लिए तय किया गया प्राइस बैंड
कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 107 रुपये से 113 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। यह इश्यू 24 जून से 29 जून तक खुला रहेगा और खुदरा निवेशक इस अवधि के दौरान आवेदन कर सकेंगे।
आईपीओ का लॉट साइज 132 शेयर रखा गया है। ऐसे में न्यूनतम आवेदन के लिए निवेशकों को 14,916 रुपये का निवेश करना होगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों प्रमुख शेयर बाजारों पर प्रस्तावित है।
विभिन्न निवेशक वर्गों के लिए आरक्षण
इश्यू में अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों के लिए हिस्सेदारी आरक्षित की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है।
वहीं खुदरा निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत और गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रखा गया है। यह संरचना विभिन्न निवेशक वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
ग्रे मार्केट में सीमित प्रीमियम
आईपीओ खुलने के साथ ही ग्रे मार्केट गतिविधियों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का शेयर फिलहाल ग्रे मार्केट में 4 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार करता दिखाई दे रहा है।
मौजूदा स्तर के आधार पर संभावित लिस्टिंग लाभ लगभग 3.5 प्रतिशत के आसपास आंका जा रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक माना जाता है और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों तथा निवेशकों की मांग पर निर्भर करता है।
27 वर्षों से आईटी सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय
CSM Technologies की स्थापना वर्ष 1998 में हुई थी। कंपनी सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस समाधान उपलब्ध कराने के क्षेत्र में काम करती है। पिछले करीब 27 वर्षों के दौरान कंपनी ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की संस्थाओं के साथ विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया है।
कंपनी विशेष रूप से डिजिटल गवर्नेंस, तकनीकी प्लेटफॉर्म विकास और सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल माध्यम से बेहतर बनाने वाले समाधानों के लिए जानी जाती है। आईटी क्षेत्र में उसके लंबे अनुभव को निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
जुटाई गई राशि का होगा इन कार्यों में उपयोग
कंपनी ने आईपीओ से प्राप्त धनराशि के उपयोग की रूपरेखा भी साझा की है। इसके तहत लगभग 56 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में लगाए जाएंगे। इसके अलावा करीब 22.63 करोड़ रुपये का उपयोग मौजूदा ऋण दायित्वों को कम करने के लिए किया जाएगा।
शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और कारोबारी विस्तार से जुड़ी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। इश्यू के प्रबंधन के लिए Keynote Financial Services को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि KFin Technologies रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रही है।