DrugAwareness – पूर्वी सिंहभूम में नशा मुक्ति अभियान का जागरूकता रैली के साथ हुआ समापन
DrugAwareness – पूर्वी सिंहभूम में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए गए राज्यव्यापी अभियान का समापन शनिवार को जागरूकता रैली और मानव शृंखला के साथ किया गया। समाहरणालय से साकची गोलचक्कर तक आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। अभियान का उद्देश्य समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कई वर्गों की रही सक्रिय भागीदारी
समापन कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ संदेश दिया। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां और बैनर लेकर लोगों से मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की। आयोजन के दौरान प्रशासन ने सामूहिक जनभागीदारी को नशा मुक्ति अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया।
पूरे राज्य में चला जागरूकता अभियान
यह राज्यव्यापी अभियान 10 जून से 26 जून तक झारखंड के विभिन्न जिलों में संचालित किया गया। अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को नशे के सामाजिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
विभिन्न माध्यमों से पहुंचाया गया संदेश
अभियान के दौरान रैलियों के अलावा शपथ ग्रहण कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठियां और जनसंवाद जैसे आयोजन भी किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था। प्रशासन का मानना है कि लगातार जनजागरूकता अभियान चलाने से नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना मजबूत की जा सकती है।
मानव शृंखला के जरिए लिया संकल्प
समापन अवसर पर आयोजित मानव शृंखला और हस्ताक्षर अभियान में शामिल लोगों ने नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशा मुक्त वातावरण आवश्यक है और इसके लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
युवाओं को किया गया जागरूक
अभियान के दौरान विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं को जागरूक करने पर जोर दिया गया। विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें बताया गया कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका व्यापक असर पड़ता है। इसी उद्देश्य से युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश भी दिया गया।
जनसहयोग को बताया सफलता की कुंजी
जिला प्रशासन ने कहा कि नशा मुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों की सफलता लोगों के सहयोग और जागरूकता पर निर्भर करती है। प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे जनहित कार्यक्रम जारी रखने की बात कही, ताकि समाज में नशे के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ती रहे और स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण हो सके।