MCX – डॉलर की मजबूती से सोना-चांदी में गिरावट, अमेरिकी संकेतों पर टिकी बाजार की नजर
MCX – मंगलवार, 30 जून की सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में दबाव देखने को मिला। Multi Commodity Exchange (MCX) पर कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, जहां मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सोना करीब 1.28 प्रतिशत फिसलकर 1,40,574 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी का वायदा भाव लगभग 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,20,322 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। बाजार की मौजूदा चाल पर निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।

डॉलर की मजबूती बनी प्रमुख वजह
विश्लेषकों के अनुसार सोने और चांदी में आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर बना हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की खरीद अपेक्षाकृत महंगी हो जाती है। साथ ही यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि अमेरिका में महंगाई का दबाव बने रहने पर Federal Reserve इस वर्ष ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। ऐसे संकेत निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं और सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
आर्थिक आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर
इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के रोजगार संबंधी प्रमुख आंकड़े बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ADP Employment Report और Non-Farm Payroll जैसे आर्थिक संकेतकों के आधार पर Federal Reserve की भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर नए संकेत मिलने की संभावना है। बाजार सहभागियों का मानना है कि यदि आर्थिक आंकड़े मजबूत आते हैं तो ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख जारी रह सकता है, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
वैश्विक बाजार में भी कमजोर रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें दबाव में बनी हुई हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जून महीने में हाजिर सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और यह कई वर्षों की सबसे बड़ी मासिक कमजोरी की ओर बढ़ रहा है। लगातार कई महीनों से जारी नरमी ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों की आशंका और मजबूत डॉलर का संयोजन फिलहाल कीमती धातुओं के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा।
विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह
कमोडिटी बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई, ऊर्जा लागत और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुख फिलहाल सावधानी भरा बना हुआ है। उनका मानना है कि ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से बिना नियमित प्रतिफल वाली परिसंपत्तियों पर दबाव बना रह सकता है। कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि यदि MCX पर सोना महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के नीचे टिकता है तो निकट अवधि में कीमतों में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। वहीं किसी भी तेजी के दौरान बिकवाली का दबाव फिर से बन सकता है।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी रखेंगे असर
बाजार की नजर केवल आर्थिक आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक घटनाक्रमों पर भी बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। ऐसे माहौल में वैश्विक निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंक की नीतियां, डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के प्रमुख संकेतों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।