बिहार

HighCourt – भागलपुर कथित एनकाउंटर मामले में अधिकारियों से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

HighCourt – बिहार में कथित एनकाउंटर से जुड़े एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। भागलपुर केंद्रीय कारागार से रिहा हुए एक व्यक्ति के कथित अपहरण और उसके बाद हुई घटनाओं को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कई वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगा है। अदालत ने भागलपुर जेल अधीक्षक, पटना के चौक थाना प्रभारी और संबंधित पुलिस अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

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वरिष्ठ अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक, जेल महानिरीक्षक और पटना के पुलिस अधीक्षक से भी इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। मामला अविनाश श्रीवास्तव की पत्नी की ओर से दायर याचिका के आधार पर अदालत के समक्ष आया है।

याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप

याचिका में दावा किया गया है कि अविनाश श्रीवास्तव को 29 नवंबर 2025 को भागलपुर केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा किया गया था। आरोप है कि जेल परिसर से बाहर निकलते ही सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें जबरन एक वाहन में बैठा लिया। याचिकाकर्ता का कहना है कि इसके बाद उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया, जहां उनके साथ गैरकानूनी तरीके से व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है।

कथित घटनाक्रम की जांच की मांग

याचिका में यह भी कहा गया है कि बाद में उन्हें पटना सिटी स्थित चौक थाना क्षेत्र में ले जाया गया। आरोपों के अनुसार, एक दिसंबर की रात रेलवे ओवरब्रिज के पास उन्हें ले जाकर उनके पास अवैध हथियार और कारतूस रखने का प्रयास किया गया तथा दबाव बनाकर एक वीडियो रिकॉर्ड कराया गया। इन सभी आरोपों की सत्यता की जांच अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और संबंधित पक्षों की ओर से जवाब आना बाकी है।

अदालत की निगरानी में आगे बढ़ेगी सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और निर्धारित समय के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और अधिकारियों के जवाब के आधार पर अगली सुनवाई में मामले की आगे समीक्षा की जाएगी। फिलहाल अदालत ने किसी भी आरोप पर अंतिम टिप्पणी नहीं की है।

पहले से चर्चा में हैं एनकाउंटर से जुड़े मामले

बिहार में हाल के दिनों में पुलिस एनकाउंटर से जुड़े कुछ मामलों को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा होती रही है। भोजपुर जिले में भरत तिवारी की मौत के मामले में भी जांच प्रक्रिया जारी है। उस प्रकरण में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे। ऐसे मामलों के बीच भागलपुर से जुड़ी इस याचिका ने भी कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर

फिलहाल भागलपुर मामले में अदालत ने केवल संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है और पूरे घटनाक्रम की न्यायिक समीक्षा जारी है। आगे की सुनवाई में अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और अधिकारियों के स्पष्टीकरण के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही अदालत इस प्रकरण में आगे का निर्णय करेगी।

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