उत्तराखण्ड

Election – उत्तराखंड में समय से पहले चुनाव की अटकलों पर सीएम धामी ने दिया बयान

Election – उत्तराखंड में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार को इस संबंध में किसी भी स्तर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी किसी तैयारी की जानकारी नहीं है और चुनाव की तिथि तय करना पूरी तरह निर्वाचन आयोग का अधिकार क्षेत्र है। मुख्यमंत्री का यह बयान उन चर्चाओं के बीच आया है जिनमें राज्य में निर्धारित समय से पहले चुनाव होने की संभावना जताई जा रही थी।

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अटकलों पर मुख्यमंत्री ने रखा पक्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार के पास समय से पहले चुनाव कराने को लेकर कोई औपचारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव कब होंगे, इसका निर्णय निर्वाचन आयोग अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत करता है। इसलिए फिलहाल चुनाव की तारीखों को लेकर चल रही चर्चाओं पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

किन वजहों से शुरू हुई थी चर्चा

हाल के दिनों में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हुई थी कि आगामी जनगणना और हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले के कार्यक्रमों को देखते हुए चुनाव कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है। इसी बीच विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और वरिष्ठ नेताओं के राज्य दौरे को भी इन अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि सरकार की ओर से अब स्पष्ट कर दिया गया है कि इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है।

राजनीतिक दलों ने तेज की तैयारियां

भले ही समय से पहले चुनाव को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राज्य में राजनीतिक दल अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। विभिन्न दल आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जनसंपर्क अभियान और बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी तैयारियां नियमित राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इन्हें चुनाव की संभावित तारीखों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

मसूरी मार्ग पर ई-बस सेवा का सुझाव

इसी दौरान देहरादून और मसूरी मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग का सुझाव भी सामने आया है। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा है कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत मिलने वाली नई इलेक्ट्रिक बसों में से बड़ी संख्या को देहरादून-मसूरी मार्ग पर संचालित किया जाए। उनका मानना है कि इससे पर्यटन सीजन में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिल सकती है।

यातायात प्रबंधन पर दिया गया जोर

प्रस्ताव के अनुसार देहरादून आईएसबीटी और रेलवे स्टेशन से नियमित अंतराल पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएं, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो और सड़क पर ट्रैफिक का दबाव घटे। संबंधित पक्षों का कहना है कि यदि प्रशासन और परिवहन विभाग मिलकर योजना बनाए तो इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।

आधिकारिक घोषणा का रहेगा इंतजार

फिलहाल राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि समय से पहले चुनाव कराने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। ऐसे में चुनाव की तिथियों को लेकर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। दूसरी ओर, राज्य में प्रशासनिक और विकास कार्यों के साथ-साथ परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा जारी है।

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