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PPF – 30 साल की नियमित बचत से बना सकते हैं 1.54 करोड़ रुपये का फंड

PPF – अगर लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश की योजना बना रहे हैं, तो Public Provident Fund (PPF) एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। मौजूदा ब्याज दर के आधार पर लगातार और अनुशासित निवेश करने पर इस योजना के जरिए करोड़ों रुपये का रिटायरमेंट फंड तैयार किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए निवेशकों को लंबी अवधि तक नियमित निवेश जारी रखना होगा। केवल 15 या 20 वर्ष के निवेश से 1.54 करोड़ रुपये का फंड तैयार नहीं होगा।

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PPF क्यों माना जाता है भरोसेमंद विकल्प

PPF देश की सबसे लोकप्रिय दीर्घकालिक बचत योजनाओं में शामिल है। इसमें निवेश की राशि पर सरकार की गारंटी मिलती है। साथ ही निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर लागू कर नियमों के तहत टैक्स लाभ भी उपलब्ध होता है। यही कारण है कि रिटायरमेंट की योजना बनाने वाले निवेशकों के बीच यह योजना लंबे समय से पसंद की जाती रही है।

15 और 20 साल में कितना बन सकता है फंड

फिलहाल PPF पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है। यदि कोई निवेशक हर वित्त वर्ष की शुरुआत में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करता है तो उसे पूरे वर्ष का ब्याज मिलने का लाभ मिलता है। मौजूदा ब्याज दर के आधार पर 15 वर्षों तक लगातार अधिकतम निवेश करने पर कुल राशि लगभग 40.68 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं निवेश अवधि 20 वर्ष होने पर अनुमानित फंड करीब 66.58 लाख रुपये हो सकता है।

1.54 करोड़ रुपये तक पहुंचने का गणित

यदि लक्ष्य लगभग 1.54 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना है, तो निवेश को 30 वर्षों तक जारी रखना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति 30 वर्ष की आयु से हर साल 1.5 लाख रुपये PPF में निवेश शुरू करता है और 60 वर्ष की आयु तक निवेश जारी रखता है, तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। शुरुआती 15 वर्ष पूरे होने के बाद खाते को तीन बार, प्रत्येक बार पांच-पांच वर्षों के लिए बढ़ाना होगा।

निवेश और ब्याज का अनुमान

30 वर्षों में अधिकतम निवेश की कुल राशि 45 लाख रुपये होगी। यदि पूरे निवेश काल के दौरान 7.1 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर बनी रहती है, तो ब्याज के रूप में लगभग 1.09 करोड़ रुपये की आय हो सकती है। इस प्रकार कुल मैच्योरिटी राशि लगभग 1.54 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम राशि उस समय लागू ब्याज दरों पर निर्भर करेगी।

निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए इसमें निवेश करते समय धैर्य और नियमितता बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार समय-समय पर PPF की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। यदि भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव होता है, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल राशि भी उसी के अनुसार कम या अधिक हो सकती है। इसलिए निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार समय-समय पर योजना की समीक्षा करते रहना चाहिए।

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