स्वास्थ्य

Ayurveda – जानें बारिश के मौसम में क्यों दी जाती है गुनगुना पानी और शहद पीने की सलाह…

Ayurveda – मानसून के दौरान मौसम में बदलाव का असर केवल वातावरण पर ही नहीं, बल्कि शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। इस मौसम में कई लोगों को सुबह सुस्ती महसूस होना, पाचन संबंधी हल्की परेशानी या पेट में भारीपन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद मौसम के अनुसार खान-पान और दिनचर्या में छोटे बदलाव अपनाने की सलाह देता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, वर्षा ऋतु में दिन की शुरुआत गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में शहद मिलाकर करने की आदत शरीर को मौसम के अनुरूप ढलने में सहायक हो सकती है।

monsoon honey warm water benefits

बारिश के मौसम में पाचन पर पड़ता है असर

आयुर्वेद के अनुसार, वर्षा ऋतु में पाचन शक्ति सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कमजोर हो सकती है। इसी वजह से सुबह हल्के और आसानी से पचने वाले पेय पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। गुनगुना पानी शरीर को दिन की शुरुआत के लिए तैयार करने में मदद करता है, जबकि सीमित मात्रा में शहद मिलाने से यह पेय अधिक सहजता से लिया जा सकता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी के उपचार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

पेट और गले को मिल सकता है आराम

बरसात के दिनों में कई लोगों को गैस, अपच या पेट में भारीपन की शिकायत रहती है। सुबह गुनगुना पानी पीने की आदत पाचन प्रक्रिया को बेहतर शुरुआत देने में सहायक मानी जाती है। इसके साथ ही मौसम बदलने पर गले में हल्की खराश या असहजता भी महसूस हो सकती है। ऐसे में गुनगुना पानी गले को आराम पहुंचा सकता है, जबकि शहद का उपयोग पारंपरिक रूप से गले की देखभाल के लिए किया जाता रहा है।

दिन की शुरुआत में मिल सकती है ताजगी

रातभर की नींद के बाद शरीर को तरल पदार्थों की आवश्यकता होती है। सुबह पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीने से शरीर को हाइड्रेशन मिलता है और दिन की शुरुआत ताजगी के साथ हो सकती है। आयुर्वेद का मानना है कि मौसम के अनुसार अपनाई गई छोटी-छोटी स्वस्थ आदतें शरीर को बदलते वातावरण के अनुरूप बेहतर ढंग से काम करने में सहायता कर सकती हैं।

इस तरह तैयार करें यह आसान पेय

इस पेय को तैयार करना बेहद सरल है। एक गिलास हल्का गुनगुना पानी लें और उसमें एक छोटा चम्मच शहद अच्छी तरह मिला दें। ध्यान रखें कि पानी बहुत अधिक गर्म न हो, क्योंकि अत्यधिक गर्म पानी में शहद मिलाने की सलाह नहीं दी जाती। इस पेय का सेवन सुबह खाली पेट किया जा सकता है, यदि आपकी स्वास्थ्य स्थिति इसकी अनुमति देती हो।

किन लोगों को पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए

मधुमेह से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से शहद का सेवन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा। एक वर्ष से कम आयु के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को शहद से एलर्जी है या वह किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या का इलाज करा रहा है, तो इस तरह की आदत अपनाने से पहले चिकित्सकीय परामर्श लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है.

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.