Rainfall – बिहार में सामान्य से काफी कम हुई बारिश, कई जिलों में जारी हुआ अलर्ट
Rainfall- बिहार में मानसून की दस्तक के बावजूद इस वर्ष अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। जून का अधिकांश समय सूखा गुजरने के बाद जुलाई में वर्षा की गतिविधियां कुछ बढ़ी हैं, लेकिन राज्य में अब भी बारिश का बड़ा घाटा बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून से 7 जुलाई तक बिहार में औसतन सामान्य से 54 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी वाले जिलों में पटना, सारण, भोजपुर, नालंदा और गया शामिल हैं, जहां सामान्य की तुलना में 70 से 78 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए पश्चिम चंपारण और गोपालगंज में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पटना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। राजधानी पटना में बुधवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। बीच-बीच में ठंडी पुरवाई चलने से मौसम सुहावना रहा, हालांकि तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव भी दर्ज किया गया।
मुजफ्फरपुर में बारिश के बाद बढ़ी उमस
मुजफ्फरपुर में बुधवार दोपहर करीब 45 मिनट तक तेज बारिश हुई, लेकिन इसके बावजूद लोगों को उमस से राहत नहीं मिल सकी। बीते 24 घंटे में लगभग 15 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार तक जिले में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है, हालांकि तापमान में बहुत अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
पूर्णिया में किसानों के लिए राहत
पूर्णिया जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने खेती-किसानी को राहत पहुंचाई है। शहर में हल्की जबकि ग्रामीण इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। अमौर, बैसा और जलालगढ़ प्रखंडों में अपेक्षाकृत अधिक बारिश हुई है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसान धान की रोपाई में तेजी से जुट गए हैं। मौसम विभाग ने जिले के लिए अगले कुछ दिनों तक येलो अलर्ट जारी किया है और अगले 48 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है।
भागलपुर में जलभराव बना परेशानी
भागलपुर में तेज बारिश के बाद कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। भोलानाथ पुल, बौंसी पुल, मिरजान और सूजागंज सहित कई क्षेत्रों में सड़कें पानी से भर गईं। कुछ स्थानों पर नालों का पानी सड़क पर बहने लगा, जिससे लोगों और वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कत हुई। नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नई जलनिकासी योजना तैयार करने की बात कही है।
नाथनगर और कैमूर के लिए भी पूर्वानुमान
भागलपुर के नाथनगर-कंझिया मार्ग पर वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या बारिश के बाद फिर उभर आई है। स्थानीय लोगों ने सड़क और नाले के स्थायी निर्माण की मांग दोहराई है। दूसरी ओर कैमूर जिले में गुरुवार से शनिवार तक बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जबकि सप्ताहांत तक मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।