HIV Case – देहरादून में पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
HIV Case – देहरादून में एक एचआईवी संक्रमित व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली है। शिकायत में कहा गया है कि उसकी स्वास्थ्य संबंधी गोपनीय जानकारी सार्वजनिक कर उसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। अदालत के निर्देश के बाद प्रेमनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस के अनुसार, अदालत के आदेश पर पीड़ित की पत्नी, ससुर और साली के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसकी एचआईवी संक्रमण की जानकारी अन्य लोगों तक पहुंचाई, उसे ब्लैकमेल किया और उसके घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी ले गए। मामले में एचआईवी एवं एड्स से जुड़े कानून तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।
विवाह के बाद शुरू हुआ विवाद
सहसपुर निवासी 36 वर्षीय शिकायतकर्ता ने अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उसका विवाह वर्ष 2019 में हुआ था और उसके दो बच्चे हैं। उसने आरोप लगाया कि वैवाहिक जीवन के दौरान पति-पत्नी के बीच कई विवाद हुए। शिकायत में पत्नी पर नशे की लत और अन्य लोगों से संबंध होने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2024 में चिकित्सकीय जांच के दौरान उसे एचआईवी संक्रमण की जानकारी मिली, जिसके बाद उसका उपचार जारी है। उसका आरोप है कि जब उसने अपनी पत्नी के कथित आचरण को लेकर ससुराल पक्ष से शिकायत की, तो प्रतिशोध स्वरूप उसकी बीमारी की जानकारी रिश्तेदारों, किरायेदारों और उसके फास्ट फूड रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों तक पहुंचा दी गई। पीड़ित का कहना है कि इससे उसकी सामाजिक छवि प्रभावित हुई और उसका कारोबार भी बंद होने की स्थिति में पहुंच गया।
तलाक और धमकी के भी लगाए आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि तलाक की बात उठाने पर उससे 20 लाख रुपये की मांग की गई। साथ ही अज्ञात नंबरों से धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने दावा किया कि वर्ष 2026 में उसकी पत्नी घर की मूल रजिस्ट्री भी अपने साथ ले गई। इन घटनाओं की शिकायत पुलिस से किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
पुलिस ने शुरू की जांच
प्रेमनगर थाना प्रभारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।