Crime News – पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बंटी हत्याकांड में सामने आए नए तथ्य
Crime News – पटना के चर्चित बंटी हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती निष्कर्षों ने जांच को नई दिशा दे दी है। शव मिलने के बाद शनिवार देर रात बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें सिर पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट के संकेत मिले हैं। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई है कि युवक की पिटाई के बाद हत्या की गई हो सकती है। आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए डीएनए नमूना और बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है।

पोस्टमार्टम में मिले अहम संकेत
अस्पताल प्रशासन के अनुसार शव काफी हद तक सड़-गल चुका था, जिससे विस्तृत परीक्षण में कठिनाई आई। डीएनए जांच के लिए बोन मैरो का नमूना लिया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि हाथ और पैरों की हड्डियों से मांस अलग हो चुका था तथा चेहरे पर गंभीर क्षति के निशान थे। पहचान की पुष्टि के दौरान दाहिने कूल्हे में पहले हुई सर्जरी के दौरान डाली गई रॉड भी मिली। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात गुलबी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
अपहरण से हत्या तक की जांच
पुलिस जांच के अनुसार बंटी का अपहरण पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दूध मंडी के पास से किया गया था। इसके बाद आरोपित उसे बाइपास मार्ग से मोकामा की ओर ले गए। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद शव को अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलैलपुर गांव के समीप जमीन में दबा दिया गया। जक्कनपुर, कोतवाली और अथमलगोला थाना पुलिस कई दिनों तक उसकी तलाश में जुटी रही, लेकिन समय रहते उसका पता नहीं चल सका।
परिजनों ने पुराने विवाद को बताया वजह
मृतक के परिजनों का दावा है कि घटना से करीब दो सप्ताह पहले बंटी का रविश नामक युवक से विवाद हुआ था। परिवार का आरोप है कि मोहल्ले में कथित अनैतिक गतिविधियों का विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। परिजनों के अनुसार बंटी ने इलाके में ऐसी गतिविधियां बंद करने की बात कही थी, जिसके बाद उसे कथित रूप से धमकी भी मिली थी। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अपहरण के दौरान मदद नहीं मिलने का आरोप
परिवार का कहना है कि छह जुलाई को अपहरण के समय बंटी और आरोपितों के बीच विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि स्टेशन के आसपास उसके साथ मारपीट भी की गई और उसने मौजूद लोगों से मदद की अपील की, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। परिजनों ने यह भी दावा किया कि घटनास्थल के पास पुलिस वाहन मौजूद था, फिर भी अपहरण नहीं रोका जा सका। इन दावों की भी जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के अनुसार बंटी की शादी लगभग 14 वर्ष पहले हुई थी। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी मां पटना हाईकोर्ट के अस्पताल में कार्यरत हैं। बंटी दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।