TempleManagement – मंदिरों का संचालन सरकार नहीं, स्वतंत्र ट्रस्ट करें: स्वामी कैलाशानंद
TempleManagement – अयोध्या राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़े मामलों के बीच मंदिरों के प्रबंधन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। इस बीच आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा है कि देश के मंदिरों का संचालन सरकारी नियंत्रण में नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन उनकी परंपराओं और मूल उद्देश्य के अनुरूप स्वतंत्र व्यवस्था के तहत होना चाहिए।

मंदिर प्रबंधन पर रखी स्पष्ट राय
स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि मंदिरों की व्यवस्था संत-समाज, श्रद्धालुओं और स्वतंत्र ट्रस्ट के माध्यम से संचालित की जानी चाहिए। उनके अनुसार, धार्मिक संस्थानों के संचालन में परंपरागत व्यवस्था को प्राथमिकता मिलने से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों की प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें धार्मिक मूल्यों के साथ-साथ जनविश्वास भी बना रहे।
बद्रीनाथ धाम मामले की जांच जारी
बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तराखंड सरकार ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि जिस व्यक्ति पर प्रारंभिक स्तर पर संदेह व्यक्त किया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है और अब पूरी जांच सरकारी स्तर पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने पर दिया जोर
आचार्य महामंडलेश्वर का कहना है कि यदि मंदिरों का संचालन स्वतंत्र ट्रस्ट और संतों की देखरेख में किया जाए तो व्यवस्थाओं में अधिक पारदर्शिता लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए दान और मंदिर प्रशासन से जुड़े सभी कार्य स्पष्ट और जवाबदेह होने चाहिए। उनके अनुसार, वर्तमान जांच से भी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार ने बनाई तीन सदस्यीय समिति
बद्रीनाथ धाम में सामने आए आरोपों के बाद उत्तराखंड सरकार ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रथम दृष्टया कार्रवाई भी हुई
प्रारंभिक जांच के आधार पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष के निजी सहायक को निलंबित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों के आधार पर उठाया गया है। अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लिया जाएगा। फिलहाल संबंधित प्रकरण की जांच जारी है और सरकार ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है।