अंतर्राष्ट्रीय

Elections – युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के बीच अक्टूबर में वोट डालेगा इजरायल

Elections- मध्य पूर्व में जारी सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय तनाव के बीच इजरायल में अगले आम चुनाव 27 अक्टूबर को कराए जाएंगे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार अपना निर्धारित चार वर्षीय कार्यकाल पूरा करने के बाद जनता के बीच जाएगी। सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी के वरिष्ठ नेता ओफिर काट्ज़ ने कहा है कि चुनाव कानून में तय समयसीमा के अनुसार ही आयोजित होंगे। मौजूदा संसद (नेसेट) का कार्यकाल जुलाई में पूरा हो रहा है, जिसके बाद चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी।

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तय समय पर चुनाव होने से बना नया रिकॉर्ड

इजरायल की राजनीति में यह चुनाव कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 1988 के बाद यह पहला अवसर होगा जब देश में आम चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाएंगे। इसके साथ ही नेतन्याहू की सरकार लगभग पांच दशकों में उन चुनिंदा सरकारों में शामिल होगी, जिन्होंने बिना समय से पहले भंग हुए अपना पूरा कार्यकाल पूरा किया। जानकारी के मुताबिक, संसद जल्द ही चुनावी अवकाश पर जाएगी और उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम प्रक्रिया सितंबर के पहले सप्ताह तक पूरी होने की संभावना है।

सुरक्षा और युद्ध के मुद्दों पर होगी बड़ी परीक्षा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव प्रधानमंत्री नेतन्याहू के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में गाजा, लेबनान और ईरान से जुड़े घटनाक्रम, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले और क्षेत्रीय हालात चुनावी बहस के केंद्र में रह सकते हैं। इसके अलावा वर्ष 2023 में हुए सुरक्षा घटनाक्रम और उसके बाद सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर भी मतदाता अपना आकलन कर सकते हैं। घरेलू राजनीतिक विवाद और भ्रष्टाचार से जुड़े पुराने मामलों का असर भी चुनावी माहौल पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

सर्वेक्षणों में कांटे की टक्कर के संकेत

हाल के जनमत सर्वेक्षणों में मुकाबला काफी करीबी दिखाई दे रहा है। चैनल 12 के पोल के अनुसार लिकुड और गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाली याशर पार्टी को समान स्तर का समर्थन मिलने का अनुमान है। वहीं चैनल 13 के सर्वे में विपक्षी दल को बढ़त मिलने की संभावना व्यक्त की गई है। हालांकि दोनों सर्वेक्षण यह भी संकेत देते हैं कि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत मिलना आसान नहीं होगा और चुनाव के बाद गठबंधन सरकार की स्थिति बन सकती है।

कैसे होता है इजरायल में मतदान

इजरायल की चुनाव प्रणाली आनुपातिक प्रतिनिधित्व (Proportional Representation) मॉडल पर आधारित है। यहां मतदाता किसी व्यक्तिगत उम्मीदवार के बजाय राजनीतिक दल को वोट देते हैं। कुल मत प्रतिशत के आधार पर 120 सदस्यीय नेसेट में सीटों का बंटवारा किया जाता है। संसद में प्रवेश के लिए किसी भी पार्टी को न्यूनतम 3.25 प्रतिशत मत हासिल करना आवश्यक होता है।

पिछली सरकार कैसे बनी थी

वर्ष 2022 में हुए आम चुनाव के बाद बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में दक्षिणपंथी दलों के गठबंधन ने सरकार बनाई थी। लिकुड समेत कई सहयोगी दलों ने मिलकर सरकार का गठन किया और दिसंबर 2022 में नई कैबिनेट ने शपथ ली। उस समय कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसे इजरायल के इतिहास की सबसे अधिक दक्षिणपंथी और धार्मिक प्रभाव वाली सरकारों में से एक बताया था। अब अक्टूबर में होने वाला चुनाव यह तय करेगा कि मौजूदा नेतृत्व को जनता दोबारा जनादेश देती है या देश नई राजनीतिक दिशा की ओर बढ़ता है।

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