अंतर्राष्ट्रीय

Bangladesh – शेख हसीना की वापसी से पहले सरकार का सख्त संदेश, तय है गिरफ्तारी

Bangladesh – बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित स्वदेश वापसी को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि वह देश लौटती हैं तो उन्हें किसी प्रकार की रियायत नहीं मिलेगी और अदालत के आदेशों के अनुसार तत्काल हिरासत में लिया जाएगा। वर्ष 2024 में हुए छात्र आंदोलन और उसके बाद सत्ता परिवर्तन के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं।

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सरकार ने गिरफ्तारी को लेकर रुख किया स्पष्ट

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार सलाहुद्दीन अहमद ने कहा है कि शेख हसीना की वापसी की स्थिति में आत्मसमर्पण का अलग से कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित एजेंसियां आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगी। सरकार का कहना है कि इस पूरे मामले में प्रक्रिया पूरी तरह कानून के दायरे में ही आगे बढ़ेगी।

कानूनी प्रक्रिया पर सरकार का जोर

विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने भी इस विषय पर सरकार का पक्ष दोहराया। उन्होंने कहा कि यदि शेख हसीना देश लौटकर अदालत के समक्ष पेश होती हैं तो उनके खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई होगी। उनके अनुसार, सरकार किसी विशेष व्यवस्था के बजाय न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेगी और आगे का निर्णय अदालत के निर्देशों के अनुरूप लिया जाएगा।

शेख हसीना ने लौटने की जताई इच्छा

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा था कि वह अपनी पार्टी अवामी लीग के नेताओं के साथ बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने संकेत दिया था कि वर्ष के अंत तक स्वदेश वापसी संभव हो सकती है और वह अदालत के सामने उपस्थित होने के लिए तैयार हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने यह आशंका भी जताई थी कि वापसी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और उनकी सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। इसके बावजूद उन्होंने अपने देश लौटने की इच्छा दोहराई थी।

2024 के आंदोलन के बाद बदले थे हालात

5 अगस्त 2024 को छात्र नेतृत्व वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया था। बढ़ते दबाव के बीच शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा और वह ढाका से भारत चली गईं। तब से वह भारत में रह रही हैं, जबकि उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी है। इसी घटनाक्रम के बाद बांग्लादेश की नई सरकार ने कई मामलों की जांच भी शुरू की थी।

अदालत के फैसले और प्रत्यर्पण की मांग

पिछले वर्ष नवंबर में ढाका की एक विशेष अदालत ने 2024 के प्रदर्शनों के दौरान कथित मानवता के विरुद्ध अपराधों से जुड़े मामले में शेख हसीना को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद बांग्लादेश लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है। प्रधानमंत्री के सूचना एवं रणनीति मामलों के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने कहा कि सरकार चाहती है कि अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के संबंध में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शेख हसीना को अपना पक्ष रखने और कानूनी बचाव का पूरा अवसर मिलेगा।

भारत ने दोहराया अपना पुराना रुख

शेख हसीना की संभावित वापसी की चर्चाओं के बीच भारत ने भी अपना आधिकारिक रुख दोहराया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में भारत की स्थिति पहले जैसी ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्यर्पण से जुड़े सभी मामलों का निपटारा संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं और दोनों देशों के बीच लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा। फिलहाल भारत की ओर से इस विषय पर किसी नई नीति या निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।

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