RavneetBittu – केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, तेज हुई पंजाब चुनाव की चर्चा
RavneetBittu- केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। बिट्टू के इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में अहम जिम्मेदारी दे सकती है।

राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद बने थे संकेत
रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था। भाजपा ने उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए नामित नहीं किया, जिसके बाद से उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होने की संभावना जताई जा रही थी। अब इस्तीफे के साथ इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। राजनीतिक हलकों में इसे पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका की संभावना
अगले साल पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा राज्य में अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। माना जा रहा है कि पार्टी रवनीत सिंह बिट्टू को चुनावी अभियान में प्रमुख चेहरा बना सकती है। पंजाब में भाजपा का मुकाबला आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल जैसे दलों से होने की संभावना है, इसलिए संगठन स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
पहले ही जता चुके थे चुनाव लड़ने की इच्छा
कुछ समय पहले रवनीत सिंह बिट्टू ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिया था कि वह अब पंजाब की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि संसद में करीब 17 वर्ष बिताने के बाद अब उनका मन राज्य में रहकर लोगों के बीच काम करने का है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि पार्टी जिम्मेदारी देती है तो वह गांव-गांव और घर-घर जाकर संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर
रवनीत सिंह बिट्टू लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे और तीन बार लोकसभा सांसद चुने गए। उन्होंने 2009 में आनंदपुर साहिब और 2014 तथा 2019 में लुधियाना सीट से जीत दर्ज की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। हालांकि, भाजपा उम्मीदवार के रूप में लुधियाना से चुनाव लड़ते हुए उन्हें कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजा और रेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी थी।
पंजाब चुनाव पर रहेगी राजनीतिक नजर
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और राज्य की राजनीति में उनकी अलग पहचान रही है। उनके इस्तीफे के बाद यह संभावना और मजबूत हुई है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका सौंप सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आने वाले महीनों में भाजपा की चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।