Instagram – कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को दी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह
Instagram- नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सोशल मीडिया की भूमिका पर जोर दिया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने मंत्रियों से पूछा कि वे इंस्टाग्राम पर कितने सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा इस मंच का उपयोग करते हैं, इसलिए मंत्रियों को भी वहां नियमित रूप से मौजूद रहना चाहिए। उन्होंने रील्स सहित अन्य माध्यमों से लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की सलाह भी दी।

युवाओं तक सीधे पहुंचने पर दिया जोर
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के समय में युवाओं का बड़ा वर्ग इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है। ऐसे में सरकार की योजनाओं, फैसलों और गतिविधियों की जानकारी भी उन्हीं माध्यमों से प्रभावी ढंग से साझा की जानी चाहिए। उन्होंने मंत्रियों से डिजिटल संवाद को मजबूत बनाने और आम लोगों से जुड़े रहने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
छात्र आंदोलन में सोशल मीडिया की रही अहम भूमिका
हाल के दिनों में नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला है। विभिन्न शहरों में प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और रील्स तेजी से साझा किए गए, जिससे बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन से जुड़े। माना जा रहा है कि इसी बदलते डिजिटल माहौल को देखते हुए सरकार भी सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की रणनीति पर जोर दे रही है।
पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी
कैबिनेट बैठक में परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मामलों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाला संशोधन विधेयक तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रस्तावित कानून में फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन, कठोर सजा और भारी जुर्माने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो सके।
प्रधानमंत्री ने पहले भी दिया था कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले जारी अपने संदेश में कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया था कि सरकार पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए कठोर दंड और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने वाले विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में लाने की तैयारी कर रही है। उनके अनुसार, युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार का रुख
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार का रुख स्पष्ट है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कोई विचार नहीं किया जा रहा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना है कि पेपर लीक प्रकरण की जांच और उससे जुड़े सुधारात्मक कदमों पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है। इस बीच विभिन्न राज्यों में भी छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी हैं।