NEET Controversy – बिहार के गया में सड़क पर उतरे सैकड़ों छात्र, जीटी रोड जाम कर की नारेबाजी
NEET Controversy – केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा आयोजकों के खिलाफ छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को बिहार के गया जिले के डोभी इलाके में सैकड़ों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और राष्ट्रीय युवा आंदोलन के संयुक्त बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने ग्रैंड ट्रंक रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया। नारेबाजी कर रहे छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पारदर्शी जांच की मांग
सड़क पर बैठे छात्रों ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाल के दिनों में नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के दावों ने देश के लाखों मेधावी परीक्षार्थियों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने मांग की कि पूरी प्रक्रिया की किसी स्वतंत्र और उच्चस्तरीय एजेंसी से समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही इसमें संलिप्त तमाम दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में कोई भी युवाओं के करियर के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस न कर सके।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की निंदा
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने हाल ही में पटना और अन्य शहरों में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आवाज उठा रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि अपने अधिकारों की बात करने वाले युवाओं पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिशें अब सफल नहीं होंगी। पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में जब तक कड़े कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है।
घंटों ठप रही जीटी रोड, यात्रियों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
छात्रों के अचानक जीटी रोड पर बैठने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर गाड़ियों का लंबा रेला लग गया। घंटों तक भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही, जिससे लंबी दूरी की यात्रा पर निकले यात्रियों, मालवाहकों और स्थानीय दुकानदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच फंसे राहगीरों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। आंदोलनकारियों का कहना था कि आम जनता को परेशान करना उनका मकसद नहीं है, लेकिन सरकार की बेरुखी ने उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
प्रशासन की पहल से शांत हुआ मामला
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए छात्र नेताओं के साथ कई दौर की वार्ता की। प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और ज्ञापन को संबंधित उच्च अधिकारियों तथा सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद छात्र सड़क से हटने को तैयार हुए, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल कराया जा सका। पूरे प्रदर्शन के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।