Pachrukhi Land Dispute Solution – पचरुखी अंचल कार्यालय में आठ भूमि विवादों का मौके पर हुआ समाधान
Pachrukhi Land Dispute Solution – सिवान जिले के पचरुखी अंचल कार्यालय परिसर में शनिवार को साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। अंचलाधिकारी अमीत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जमीन के सीमांकन, राजस्व और आपसी जमीन विवाद से जुड़े मामलों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने प्राप्त सभी आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर ही उनका निपटारा कर दिया, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को बड़ी राहत मिली।

चार पंचायतों से आए थे आठ शिकायत आवेदन
इस शनिवार आयोजित जनता दरबार में क्षेत्र की चार प्रमुख पंचायतों से कुल आठ फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार पचरुखी पंचायत से दो, गोपालपुर पंचायत से एक, सुरबाला पंचायत से तीन और जसौली पंचायत से दो मामले दर्ज किए गए। अंचलाधिकारी ने संबंधित राजस्व कर्मियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना। इसके बाद अंचल में उपलब्ध पुराने अभिलेखों और प्रस्तुत दस्तावेजों का मिलान कर सभी मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन कर दिया गया।
कार्यालय के चक्कर काटने से मिली मुक्ति
अंचल प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से जनता दरबार में पहुंचे लोगों ने राहत की सांस ली। अक्सर जमीन से जुड़े छोटे-छोटे विवादों के लिए ग्रामीणों को महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। शनिवार को हुई इस सुनवाई में बिना किसी अनावश्यक देरी के फैसले होने पर उपस्थित फरियादियों ने अंचल प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना की। लोगों का कहना था कि इस तरह की पारदर्शी प्रक्रिया से समय और धन दोनों की बचत होती है।
पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता
मामलों के निस्तारण के बाद अंचलाधिकारी अमीत कुमार ने बताया कि जनता दरबार का मुख्य ध्येय ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे भूमि विवादों को आपसी सहमति और कानूनी आधार पर हल करना है। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आम नागरिकों को अपनी जायज समस्याओं के समाधान के लिए परेशान न होना पड़े। अंचलाधिकारी ने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे सीमांकन या जमीन संबंधी अन्य उलझनों के लिए पूरे कागजात के साथ निर्धारित तिथि पर जनता दरबार में आएं ताकि मामले का तुरंत हल निकाला जा सके।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे फरियादी
जनता दरबार के दौरान पचरुखी और आसपास के गांवों से आए कई लोग उपस्थित रहे। सुनवाई के समय संजय कुमार, सुरेंद्र सिंह और गीता देवी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखा। इस अवसर पर अंचल के राजस्व कर्मचारी और अन्य संबंधित कर्मी भी मौजूद रहे, जिन्होंने दस्तावेजों के सत्यापन में सहयोग प्रदान किया।