Bihar Development – बिहार में 100 दिन पूरे होने पर बड़ा फैसला, 11464 करोड़ की योजनाओं का ऐलान
Bihar Development – पटना के बीआईटी मेसरा परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विकास उत्सव के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की भावी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। सरकार के 100 दिन का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर आयोजित इस विशेष समारोह में लगभग 11,464 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,476 अलग-अलग विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इस दौरान सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों, दोनों मुख्यमंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में राज्य की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार और सख्त रेफरल नीति
समारोह की शुरुआत से पहले राजवंशी नगर स्थित एलएनजेपी अस्पताल परिसर में 215 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 400 बेड वाले आधुनिक ऑर्थोपेडिक एवं न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का लोकार्पण किया गया। इस केंद्र में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ट्रॉमा यूनिट, रेडियोलॉजी और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर जैसी तमाम सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए 15 अगस्त से राज्य के जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में अनावश्यक रेफरल प्रणाली पर रोक लगाने का कड़ा निर्देश दिया गया है। अब किसी मरीज को बिना ठोस तकनीकी कारण के बड़े अस्पतालों में भेजने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
हर जिले में उद्योग और निवेश बढ़ाने पर जोर
औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सरकार ने प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा उद्योग स्थापित करने की योजना बनाई है। आगामी 20 नवंबर तक राज्य में लगभग पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का सहारा लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वैशाली के राजापाकड़ में इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स हब के निर्माण की योजना है, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। वहीं गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के तहत स्टील प्लांट विकसित करने की प्रक्रिया भी जारी है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और नई चीनी मिलों की सौगात
पटना में गंगा किनारे बनी मरीन ड्राइव का दायरा बढ़ाकर 200 किलोमीटर तक करने की घोषणा की गई है, जिसमें लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि टोल टैक्स केवल व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। कृषि और उद्योग के समन्वय को देखते हुए आगामी पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसकी शुरुआत इसी वर्ष दो प्रमुख मिलों के पुनरुद्धार से होगी।
नदी तटों के पास बनेंगे विशेष इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
प्रदेश की प्रमुख नदियों बागमती, बूढ़ी गंडक, नारायणी और कोसी के तटीय क्षेत्रों में विशेष विकास कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इन इलाकों में बेहतर सड़क तंत्र के साथ-साथ आधुनिक रिवर-फेसिंग टाउनशिप और औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्य संस्कृति में बदलाव लाते हुए दैनिक कार्य के घंटे बढ़ाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर सरकार की 100 दिनों की यात्रा पर आधारित विशेष सूचना पुस्तिका का विमोचन किया गया और राज्यभर में योजनाओं की जानकारी फैलाने के लिए प्रचार वाहनों को रवाना किया गया।