KanwarYatra – श्रावण के पहले सोमवार से पहले घाट पर बढ़ाई गई सुरक्षा तैयारियां
KanwarYatra- श्रावण माह के पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवरियों के आगमन को देखते हुए सरयू नदी के पंचमंदिरा घाट पर सामाजिक स्तर पर सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी तैयारियां की गईं। रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने घाट की सफाई अभियान चलाने के साथ स्नान क्षेत्र को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग का कार्य भी किया।

घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं ने घाट पर जमा कपड़े, प्लास्टिक और अन्य कचरे को हटाया। इसके अलावा आसपास उगी झाड़ियों की भी सफाई की गई, जिससे स्नान के लिए आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। घाट को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने का प्रयास पूरे दिन जारी रहा।
गहरे पानी से दूर रखने के लिए की गई बैरिकेडिंग
स्थानीय स्तर पर यह पहल उस समय की गई, जब प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। कार्यकर्ताओं ने नदी के गहरे हिस्से को चिह्नित करते हुए वहां अस्थायी बैरिकेडिंग लगाई, ताकि स्नान के दौरान श्रद्धालु अनजाने में गहरे पानी की ओर न जाएं। उनका कहना है कि यह कदम संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया।
महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
घाट पर महिलाओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी गई। कार्यकर्ताओं ने तिरपाल की सहायता से अस्थायी चेंजिंग रूम तैयार किया, जिससे महिला श्रद्धालु कपड़े बदलने में सहज महसूस कर सकें। इसके साथ ही शाम और सुबह के समय बेहतर दृश्यता बनाए रखने के लिए प्रकाश व्यवस्था की भी व्यवस्था की गई।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए की गई तैयारी
बजरंग दल से जुड़े रितेश सिंह ने बताया कि श्रावण के पहले सोमवार पर बड़ी संख्या में कांवरियों और श्रद्धालुओं के सरयू घाट पहुंचने की संभावना है। इसी कारण पहले से आवश्यक तैयारियां की गई हैं, ताकि स्नान और जल भरने के दौरान लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक सहयोग से की गई यह पहल श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है।
प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पर्व के दौरान घाट पर पर्याप्त पुलिस बल, प्रशिक्षित गोताखोरों और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना है कि भीड़भाड़ वाले दिनों में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी अप्रिय घटना की आशंका कम की जा सकती है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आयोजन के दौरान समाजहित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया।