MurderCase – डेहरी ईओ हत्याकांड पर सियासत तेज, मुखर हुई निष्पक्ष जांच की मांग
MurderCase– डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। घटना को लेकर विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है, जबकि मृतक अधिकारी के परिजन लगातार हत्या के पीछे साजिश और कथित रंगदारी का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

विपक्ष ने उठाए जांच को लेकर सवाल
रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिवंगत अधिकारी की पत्नी से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि यदि परिजन किसी जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो जांच एजेंसियों को उन आरोपों की निष्पक्ष पड़ताल करनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोपों के बावजूद उचित कानूनी कार्रवाई नहीं होती है तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।
पत्नी ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप, विधायक ने किया खंडन
मृतक अधिकारी की पत्नी बबीता ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पति पर लगातार 50 लाख रुपये की रंगदारी का दबाव बनाया जा रहा था और इसी विवाद के बाद उनकी हत्या हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना से कुछ दिन पहले उनके पति संबंधित विधायक से मिलने गए थे। दूसरी ओर विधायक ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से उनका नाम इस मामले में जोड़ा जा रहा है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
पटना में प्रदर्शन, सुरक्षा और मुआवजे की उठी मांग
घटना के विरोध में पटना के गोला रोड क्षेत्र में परिजन, सहकर्मी और बड़ी संख्या में कार्यपालक पदाधिकारी शव के साथ प्रदर्शन पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। कई घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाल के महीनों में कार्यपालक पदाधिकारियों पर लगातार हमले हो रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अधिकारी संगठनों ने जताई चिंता
कार्यपालक पदाधिकारी संघ ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कम समय के भीतर दो कार्यपालक पदाधिकारियों की हत्या गंभीर चिंता का विषय है। संगठन ने सरकार से मांग की कि जिस तरह अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है, उसी तरह कार्यपालक पदाधिकारियों के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़, परिजनों की प्रमुख मांगें
विमल कुमार का अंतिम संस्कार पटना के दीघा घाट पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में परिजन, सहकर्मी, स्थानीय लोग और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने घटना के विरोध में नारे लगाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। परिजनों ने सरकार से पांच करोड़ रुपये के मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।