बिहार

PappuYadav – प्रेस वार्ता के दौरान हंगामा, चप्पल फेंके जाने के बाद जांच में जुटी पुलिस

PappuYadav– निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता उस समय विवादों में आ गई, जब कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने उनकी ओर चप्पल फेंक दी। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद समर्थकों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी।

pappu yadav press conference incident 1

हमलावर की पहचान और पुलिस की प्रारंभिक जानकारी

पुलिस के अनुसार चप्पल फेंकने वाले युवक की पहचान 34 वर्षीय सुमित सहपानी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है और गाजियाबाद में लोहे से जुड़े कारोबार में काम करता है। उसके साथ हैप्पी शर्मा नाम का एक अन्य युवक भी मौजूद था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बताया कि सुमित के खिलाफ पहले किसी आपराधिक मामले का रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

साथी युवक ने घटना को लेकर रखा अपना पक्ष

सुमित के साथ आए हैप्पी शर्मा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि दोनों सांसद से कुछ सवाल पूछने के उद्देश्य से उनके आवास पहुंचे थे। उनके अनुसार वे बिना किसी पूर्व निर्धारित समय के प्रेस वार्ता स्थल तक पहुंचे और वहां साधु-संतों तथा भगवान राम से जुड़े कथित बयानों पर सवाल किया। हैप्पी का आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी कहा कि उनका साथी घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया।

चाकू मिलने के दावे पर अलग-अलग पक्ष

घटना के बाद सांसद पप्पू यादव के करीबी लोगों की ओर से दावा किया गया कि दोनों युवक पत्रकार बनकर परिसर में दाखिल हुए थे और उनमें से एक के पास से चाकू बरामद हुआ। वहीं हैप्पी शर्मा ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनके साथी के पास कोई हथियार नहीं था। उनका कहना है कि विवाद बढ़ने और कथित हमले के बाद ही चप्पल फेंकी गई। इन परस्पर विरोधी दावों की पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही हो सकेगी।

पप्पू यादव ने कहा, डरने वाले नहीं

घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि उन पर हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन वे ऐसे घटनाक्रम से भयभीत होने वाले नहीं हैं। उनके वकील कनिष्क अरोड़ा ने भी बताया कि कार्यक्रम से पहले पुलिस को सुरक्षा संबंधी चिंताओं की जानकारी दी गई थी। उनका कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व कार्यक्रम में व्यवधान डालने का प्रयास कर रहे थे, जिसकी सूचना पहले ही संबंधित अधिकारियों को दी गई थी।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में जुटी पुलिस

घटना के बाद तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सांसद के आवास पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना पूर्व नियोजित थी या तत्काल पैदा हुए विवाद का परिणाम। पुलिस ने कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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