Crime News – गैंगस्टर सुजीत सिन्हा मुठभेड़ में ढेर, अपराध नेटवर्क पर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
Crime News- झारखंड पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को एक पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब उसे जेल से दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा रहा था। लंबे समय से रंगदारी और संगठित अपराध के मामलों में उसका नाम सामने आता रहा था। राज्य के कई जिलों में कारोबारी वर्ग के बीच उसकी गतिविधियों को लेकर भय का माहौल बताया जाता था।

रंगदारी के कई मामलों में दर्ज थे मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, धनबाद के बैंक मोड़ और सरायढेला थाना क्षेत्रों में सुजीत सिन्हा के खिलाफ रंगदारी, धमकी और आपराधिक साजिश से जुड़े कई मामले दर्ज थे। वर्ष 2020-21 के दौरान उसके गिरोह पर कई व्यापारियों को फोन के जरिए धमकाने और बड़ी रकम की मांग करने के आरोप लगे थे। उर्मिला टावर के कंप्यूटर कारोबारियों के अलावा कुसुम विहार स्थित एक आउटसोर्सिंग कंपनी के महाप्रबंधक से भी कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
दूसरे गैंगों से भी जुड़े होने के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में सुजीत सिन्हा का नाम पाकिस्तान में छिपे बताए जाने वाले गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क से भी जुड़ता रहा। पुलिस का दावा है कि कारोबारियों से रंगदारी वसूलने और स्थानीय स्तर पर आपराधिक नेटवर्क मजबूत करने में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। अधिकारियों के मुताबिक, चाईबासा, जमशेदपुर और चक्रधरपुर के कुछ युवक, जो पहले सुजीत गिरोह से जुड़े थे, बाद में इसी नेटवर्क के लिए काम करने लगे।
पुराने आपराधिक संबंध भी आए सामने
सुजीत सिन्हा का नाम पहले उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर अमन सिंह के साथ भी जोड़ा जाता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अपराध की दुनिया में उसका प्रभाव इतना था कि कई स्थानीय अपराधी उसके संपर्क में आए। धनबाद के कुछ कुख्यात अपराधियों के बारे में भी जांच एजेंसियों का कहना है कि उन्होंने अपने शुरुआती दौर में सुजीत के गिरोह से जुड़कर काम किया और बाद में अलग नेटवर्क तैयार किया।
जेल स्थानांतरण के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, रविवार रात साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल ले जाते समय जामताड़ा के सुपायडीह बाइपास के पास एस्कॉर्ट वाहन तकनीकी कारणों से रुक गया। इसी दौरान सुजीत सिन्हा को दूसरी गाड़ी में बैठाने की प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस का कहना है कि उसने एक सुरक्षाकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया।
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और मामले से जुड़ी सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और आवश्यक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।