ViratKohli – भुवनेश्वर कुमार ने बताया कैसे बदली विराट-शास्त्री की सोच ने भारतीय क्रिकेट
ViratKohli – भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने विराट कोहली और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री की कार्यशैली को लेकर एक अहम खुलासा किया है। उनके अनुसार, दोनों ने मिलकर भारतीय क्रिकेट की रणनीति में ऐसा बदलाव किया जिसने टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को नई पहचान दिलाई। भुवनेश्वर का कहना है कि घरेलू क्रिकेट में लंबे समय से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल पिचें तैयार होती थीं, लेकिन विराट और शास्त्री ने इस सोच को बदलते हुए तेज गेंदबाजों के लिए मददगार विकेट तैयार कराने पर जोर दिया।

विदेशी दौरों की तैयारी के लिए बदली गई रणनीति
आरसीबी के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि टीम प्रबंधन की सोच केवल घरेलू मुकाबलों तक सीमित नहीं थी। उनका लक्ष्य विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना था। इसी वजह से भारत में भी ऐसी टेस्ट पिचें तैयार कराई गईं, जहां तेज गेंदबाजों को स्विंग, सीम और अतिरिक्त उछाल मिल सके। उनका मानना है कि इस फैसले ने भारतीय तेज गेंदबाजों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार किया और विदेशों में उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देती थी यह जोड़ी
भुवनेश्वर के मुताबिक, विराट कोहली और रवि शास्त्री की रणनीति का सबसे बड़ा केंद्र टेस्ट क्रिकेट था। दोनों का मानना था कि किसी भी टेस्ट मैच में जीत दर्ज करने के लिए विपक्षी टीम के सभी 20 विकेट लेना सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए। इसी सोच के साथ भारतीय टीम ने अपने गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत किया। तेज गेंदबाजों पर बढ़ते भरोसे का असर यह रहा कि भारत ने घरेलू मैदानों के साथ-साथ विदेशी दौरों पर भी प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन करना शुरू किया।
ऑस्ट्रेलिया समेत विदेशों में मिला रणनीति का फायदा
विराट कोहली और रवि शास्त्री के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने कई यादगार टेस्ट सफलताएं हासिल कीं। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में मिली टेस्ट सीरीज जीत ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नई मिसाल कायम की। मजबूत पेस अटैक और संतुलित टीम संयोजन ने भारत को उन परिस्थितियों में भी बढ़त दिलाई, जहां पहले जीत हासिल करना काफी कठिन माना जाता था। क्रिकेट विशेषज्ञ भी उस दौर को भारतीय तेज गेंदबाजी के विकास का महत्वपूर्ण चरण मानते हैं।
सफल साझेदारी का अंत और बदला नेतृत्व
विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी कई वर्षों तक भारतीय क्रिकेट का अहम हिस्सा रही। बाद में कप्तानी में बदलाव हुआ और शास्त्री का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। उनके दौर में टीम ने कई बड़ी टेस्ट सीरीज अपने नाम कीं, लेकिन आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाने की चर्चा भी लगातार होती रही। इसके बाद राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारत ने 2024 का टी20 विश्व कप जीतकर इस इंतजार को खत्म किया। बाद के वर्षों में टीम ने अन्य आईसीसी खिताब भी अपने नाम किए, जिससे भारतीय क्रिकेट की उपलब्धियों में नया अध्याय जुड़ गया।