Politics – उद्धव ठाकरे ने संगठनात्मक बैठक में गुटबाजी पर जताई नाराजगी, युवा आंदोलनकारी का दिया उदाहरण
Politics– शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संगठन की समीक्षा बैठक के दौरान ठाणे और कल्याण क्षेत्र के पदाधिकारियों को आपसी मतभेदों और गुटबाजी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन के भीतर पदों को लेकर होने वाले विवाद पार्टी की मजबूती के लिए नुकसानदायक हैं। उन्होंने नेताओं से बड़े राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने और आंतरिक विवादों से बचने की अपील की।

संगठनात्मक विवाद पर नेतृत्व की सख्त प्रतिक्रिया
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में कल्याण लोकसभा क्षेत्र में कुछ अनुभवी कार्यकर्ताओं को संगठन से हटाए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ गया था। इसी मुद्दे को लेकर पुराने कार्यकर्ताओं और नई जिम्मेदारियों की उम्मीद रखने वाले नेताओं के बीच मतभेद सामने आए। समीक्षा बैठक के दौरान यही विवाद खुलकर सामने आया, जिस पर पार्टी नेतृत्व ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में विधायक मिलिंद नार्वेकर, ठाणे जिला प्रमुख केदार डिघे और पूर्व विधायक विलास पोटनिस सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल का किया उल्लेख
बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि वर्तमान समय में देश के कई हिस्सों में विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि ऐसे दौर में संगठन के भीतर छोटे-छोटे मतभेदों में उलझने के बजाय व्यापक राजनीतिक चुनौतियों पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है। उनका कहना था कि मजबूत संगठन ही किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत होता है।
अभिजीत दीपके का उदाहरण देकर दिया संदेश
बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक युवा कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि पार्टी के कुछ पदाधिकारी संगठनात्मक पदों को लेकर आपसी विवाद में उलझे हुए हैं। उनके इस बयान को संगठन में अनुशासन और प्राथमिकताओं को लेकर दिए गए संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
ठाणे इकाई में अनुशासन को लेकर बढ़ी चर्चा
मातोश्री में हुई इस बैठक के बाद ठाणे संगठन में चल रहे अंदरूनी मतभेद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बढ़ रहे असंतोष को नियंत्रित करने और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए नेतृत्व आगे कुछ सख्त कदम उठा सकता है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फोन पर हुई बातचीत की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में उद्धव ठाकरे और अभिजीत दीपके के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी। बताया जा रहा है कि यह संपर्क शिवसेना (यूबीटी) नेता चंद्रकांत खैरे के माध्यम से स्थापित हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, ठाकरे ने दीपके को हालिया आंदोलन के लिए शुभकामनाएं दीं, उनके परिवार का हालचाल पूछा और उन्हें मुंबई स्थित अपने आवास मातोश्री आने का निमंत्रण भी दिया। हालांकि, इस बातचीत को लेकर दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।