Parliament – सदन में गतिरोध पर भाजपा का विपक्ष पर हमला, शाह की मौजूदगी का किया दावा
Parliament – संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा और यह धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में मौजूद नहीं रहते। पार्टी नेताओं का कहना है कि गृह मंत्री नियमित रूप से संसद भवन में उपलब्ध रहते हैं, लेकिन हंगामे के कारण चर्चा का अवसर नहीं मिल पाता।

सरकार ने विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह प्रतिदिन संसद भवन में मौजूद रहते हैं और किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, सरकार बहस से पीछे नहीं हट रही, बल्कि विपक्ष के लगातार विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। रिजिजू ने कहा कि यदि सदन व्यवस्थित तरीके से चले तो सरकार सभी मुद्दों पर जवाब देने को तैयार है।
रविशंकर प्रसाद ने भी रखा पार्टी का पक्ष
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अमित शाह पूरे दिन संसद परिसर में अपने कार्यालय में रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब लगातार नारेबाजी और हंगामे की वजह से कार्यवाही बाधित होती है, तब गृह मंत्री के सदन में बोलने का अवसर स्वाभाविक रूप से प्रभावित होता है। उनके मुताबिक, सरकार चर्चा से नहीं बच रही, बल्कि विपक्ष के सहयोग की आवश्यकता है ताकि संसदीय प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
हंगामे के बीच विधायी कार्य जारी रहने का दावा
भाजपा का कहना है कि गतिरोध के बावजूद सरकार आवश्यक विधायी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। किरेन रिजिजू ने दावा किया कि विशेष रूप से राज्यसभा में कई विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ दलों द्वारा वॉकआउट या विरोध दर्ज कराने के बावजूद अन्य सदस्य अपनी बात रख रहे हैं और संसदीय प्रक्रिया जारी है। सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का संचालन बाधित नहीं होना चाहिए।
विपक्ष के विरोध पर सरकार की प्रतिक्रिया
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि लगातार हो रहे व्यवधान का सबसे अधिक असर विपक्ष के नए सांसदों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों पर पहले ही कई कदम उठाए हैं, जबकि विपक्ष उन्हीं विषयों को लेकर बार-बार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि जिन मुद्दों को वह उठा रहा है, उन पर सरकार की स्पष्ट प्रतिक्रिया आवश्यक है।
बातचीत से समाधान की कोशिश जारी
संसद में जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच संवाद की कोशिशें भी जारी हैं। किरेन रिजिजू ने बताया कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से टेलीफोन पर बातचीत की और सदन के सुचारु संचालन के साथ-साथ महिला आरक्षण एवं परिसीमन से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक पर समर्थन का आग्रह किया। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने इस विषय पर आगे बढ़ने से पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की आवश्यकता जताई। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच सदन की कार्यवाही सामान्य करने को लेकर एक से अधिक बार बातचीत हो चुकी है। फिलहाल सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनने का इंतजार है, जबकि संसद के आगामी सत्रों में भी गतिरोध बने रहने की संभावना जताई जा रही है।