Workplace Horror – बीमार कर्मचारी से छुट्टी मांगने पर बॉस के जवाब ने चौंकाया, वायरल हुआ मामला
Workplace Horror – एक कर्मचारी ने बाइक दुर्घटना में पैर टूटने के बाद जब अपने वरिष्ठ को चिकित्सकीय आराम की जानकारी देते हुए अवकाश के लिए संदेश भेजा, तो उसे ऐसा जवाब मिला जिसने कार्यस्थल पर कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े कर दिए। कर्मचारी के मुताबिक, चोट के बावजूद उससे शुक्रवार की पाली में काम करने की उम्मीद की जा रही थी। जब उसने डॉक्टर की सलाह का हवाला दिया, तो वरिष्ठ ने कथित तौर पर कहा कि उसके बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था कर दी जाएगी।

नई नौकरी शुरू किए कुछ ही दिन हुए थे
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी ने अपने वरिष्ठ को यह भी याद दिलाया कि उसने कंपनी में महज दो सप्ताह पहले ही काम शुरू किया था। इसके बाद बातचीत में कर्मचारी पर इतनी जल्दी छुट्टी लेने को लेकर सवाल उठाए गए। स्थिति से परेशान कर्मचारी ने आखिरकार नौकरी छोड़ने का फैसला जाहिर करते हुए कहा कि वह कंपनी से इस्तीफा दे रहा है। इस बातचीत को बेन एस्किन्स ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर सामने आए ऐसे कई अनुभव
इस घटना के बाद कई लोगों ने अपने कार्यस्थल से जुड़े अनुभव साझा किए। एक इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता ने बताया कि कई साल पहले एक फैशन पत्रिका से जुड़े प्रकाशन संस्थान में काम करते समय वह बीमार पड़ गया था। उसके अनुसार, बीमारी के बावजूद उसे अवकाश नहीं दिया गया। रात की बैठक के दौरान खांसने पर भी कथित तौर पर उसे यह कहकर डांटा गया कि वह धीरे खांसे, क्योंकि उसकी आवाज से बैठक में व्यवधान हो रहा था।
एक अन्य व्यक्ति ने पैर में नस खिंचने की समस्या के बावजूद काम करने के दबाव का अनुभव साझा किया। उसके अनुसार, प्रबंधक ने कार्यालय में बैठने के लिए कुर्सी उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन वहां पहुंचने पर उससे कथित तौर पर पूछा गया कि क्या वह एक पैर पर खड़ा नहीं रह सकता।
गंभीर बीमारी के दौरान भी छुट्टी को लेकर सवाल
एक अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने बताया कि उसकी गर्दन में ट्यूमर था, लेकिन डॉक्टर से मिलने के लिए भी उसे छुट्टी नहीं दी गई। बाद में जांच में बीमारी को थायराइड कैंसर बताया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी उससे कथित तौर पर पूछा गया कि वह काम पर कब लौटेगा। इस पर कर्मचारी ने अपनी स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा कि उसे पहले स्वस्थ होने का समय दिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों की सेहत को प्राथमिकता देने की जरूरत
इन अनुभवों ने कार्यस्थल पर स्वास्थ्य, छुट्टी और प्रबंधकीय व्यवहार को लेकर एक व्यापक चर्चा छेड़ दी है। कर्मचारियों का कहना है कि काम की जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन गंभीर चोट या बीमारी की स्थिति में स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना उचित नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में स्पष्ट अवकाश नीतियां, संवेदनशील प्रबंधकीय रवैया और कर्मचारी की चिकित्सकीय स्थिति का सम्मान कार्यस्थल के भरोसे को मजबूत कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई इन व्यक्तिगत घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें संबंधित उपयोगकर्ताओं के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।