उत्तर प्रदेश

Unique wedding: हर कोई रह गया हैरान! यूपी में ‘प्रेम दीवानी’ लड़की ने लिया अद्भुत फैसला, कृष्ण को ही बना लिया अपना जीवनसाथी

Unique wedding: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से भक्ति और प्रेम की एक अद्भुत कहानी सामने आई है, जिसने पूरे गांव ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया तक को भावुक कर दिया है। पिंकी शर्मा नाम की एक युवती ने भगवान श्रीकृष्ण को ही अपना सर्वस्व मानते हुए उनकी मूर्ति से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी कर ली। यह अनोखी घटना न केवल पिंकी की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भक्ति का मार्ग कितना व्यक्तिगत और गहरा हो सकता है।

Unique wedding
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भगवान कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम

पिंकी शर्मा करीब तीन महीने पहले मथुरा-वृंदावन गई थीं। बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के दौरान उन्हें प्रसाद के रूप में सोने की एक अंगूठी मिली। उन्होंने इस अंगूठी को भगवान की तरफ से मिला संकेत माना—एक ऐसा संदेश, जिसे उन्होंने प्रेम और स्वीकृति (love and acceptance) के रूप में देखा। इसी क्षण के बाद पिंकी ने तय कर लिया कि वह अपने जीवन की हर डोर श्रीकृष्ण को ही समर्पित करेंगी।


सात फेरों के साथ सम्पन्न हुआ विवाह

पिंकी ने शनिवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह समारोह पूरा किया। सात फेरे लिए गए और पिंकी ने दुल्हन की तरह संपूर्ण रस्मों का पालन (observance of rituals) किया। भगवान कृष्ण की मूर्ति पूरे समय उनकी गोद में रही। अगले दिन उनकी विदाई भी उसी तरह हुई, जैसे किसी दुल्हन की जाती है। गांव के लोग परिवार की भूमिका में आगे आए और पिंकी के जीजा, इंद्रेश शर्मा, बाराती बनकर इस अनूठे विवाह के साक्षी बने।


गांव में गूँजी ‘मीरा’ की कहानी

पिंकी की गहरी श्रद्धा और समर्पण को देखते हुए गांव के लोग अब प्यार से उन्हें “मीरा” कहने लगे हैं। कई लोग उनकी तुलना भक्त मीरा बाई से कर रहे हैं, जिन्होंने अपना जीवन कृष्ण भक्ति को समर्पित (Dedicated) कर दिया था। पिंकी भी मानती हैं कि इस विवाह के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है और अब वह कृष्ण प्रेम और भक्ति में ही जीना चाहती हैं।


वृंदावन में बसने की इच्छा

पिंकी का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा वृंदावन में रहकर पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक साधना करना है। उन्हें आजीविका या खर्चे की कोई चिंता नहीं, क्योंकि उनका विश्वास है कि भगवान कृष्ण उनके जीवन की हर जिम्मेदारी संभाल लेंगे।


परिवार की सहमति और भावनात्मक सफर

शुरुआत में पिंकी के परिवार को उनका फैसला अजीब लगा, लेकिन उनकी आस्था को देखकर उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। उनके पिता सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि वे कई वर्षों से उनकी शादी के लिए योग्य वर की तलाश कर रहे थे, पर पिंकी हमेशा कहती थीं कि सब कुछ तभी होगा जब कृष्ण चाहेंगे। परिवार ने अंततः उनकी भावनाओं का सम्मान (respect feelings) किया और विवाह से दस दिन पहले वृंदावन जाकर मूर्ति को घर लेकर आए।


भक्ति का अनोखा रूप

इस घटना के बाद पिंकी अपने जीजा के घर में रह रही हैं, जिसे प्रतीकात्मक रूप से भगवान कृष्ण का परिवार माना गया है। उनका जीवन अब पूरी तरह आध्यात्मिकता (spirituality) की ओर मुड़ चुका है। पिंकी कहती हैं कि उनकी दुनिया अब सिर्फ कृष्ण हैं—उनका प्रेम, उनका मार्गदर्शन और उनकी कृपा ही उनका संबल है।

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