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Women’s T20I Cricket Records: इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई भारत-श्रीलंका की ये जंग, बिना शतक के टूटा रनों का एवरेस्ट

Women’s T20I Cricket Records: भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले ने महिला क्रिकेट के इतिहास को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। तिरुवनंतपुरम की धरती पर भारतीय ओपनर्स ने ऐसी आग उगली कि विपक्षी गेंदबाज पूरी तरह असहाय नजर आए। भारत ने इस मैच में (Indian Women Cricket Team) अपनी बल्लेबाजी का वो स्तर दिखाया जो इससे पहले कभी नहीं देखा गया था। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए टीम इंडिया को एक ऐसे स्कोर तक पहुँचाया, जिसने महिला क्रिकेट की परिभाषा बदल दी। इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 221 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो भारतीय महिला टी20 इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।

Women's T20I Cricket Records
Women’s T20I Cricket Records

शतकों के बिना रनों का ऐसा सैलाब देख हैरान रह गई दुनिया

आमतौर पर जब भी किसी टी20 मैच में 200 से अधिक रन बनते हैं, तो किसी एक बल्लेबाज का शतक जरूर देखने को मिलता है। लेकिन इस मैच की सबसे (High Scoring T20 Matches) अद्भुत बात यह रही कि किसी भी खिलाड़ी ने व्यक्तिगत तौर पर 100 का आंकड़ा नहीं छुआ। इसके बावजूद रनों का अंबार खड़ा हो गया। स्मृति मंधाना ने 80 रनों की कप्तानी पारी खेली, तो वहीं शेफाली वर्मा ने 79 रनों का विस्फोटक योगदान दिया। इन दोनों की पारियों ने यह साबित कर दिया कि टीम वर्क और निरंतरता से बड़े से बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया जा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि बिना किसी सेंचुरी के स्कोर बोर्ड पर 221 रन टंग गए थे।

अट्टापट्टू की जांबाज लड़ाई और श्रीलंका का साहसी पलटवार

222 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने हार नहीं मानी। श्रीलंकाई कप्तान चमीरा अट्टापट्टू ने मोर्चे से (Sri Lanka Women’s Cricket) अपनी टीम का नेतृत्व किया और 53 रनों की शानदार पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों को चुनौती दी। श्रीलंका की टीम ने पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी की और 6 विकेट के नुकसान पर 191 रन बनाए। हालांकि वे जीत से दूर रह गए, लेकिन उन्होंने जिस जज्बे के साथ बल्लेबाजी की, उसकी चारों ओर तारीफ हो रही है। यह मुकाबला केवल हार-जीत का नहीं था, बल्कि महिला क्रिकेट में बढ़ते हुए पावर-हिटिंग के स्तर का प्रदर्शन था, जहां दोनों टीमों ने मिलकर क्रिकेट के मैदान पर रनों की गंगा बहा दी।

412 रनों का महासंग्राम और बना एक अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस मैच में भारत और श्रीलंका ने मिलकर कुल 412 रन बनाए, जो अपने आप में एक मिसाल है। यह वर्ल्ड क्रिकेट (International T20 Stats) के इतिहास का वो सबसे बड़ा संयुक्त स्कोर बन गया है, जिसमें किसी भी बल्लेबाज ने शतक नहीं जड़ा। इससे पहले भी कई हाई-स्कोरिंग मैच हुए हैं, लेकिन बिना व्यक्तिगत शतक के इतने रन बनना अविश्वसनीय है। सांख्यिकी के नजरिए से देखें तो इस मैच ने पुराने सभी रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है। तिरुवनंतपुरम में दर्शकों ने एक ऐसी ऐतिहासिक शाम देखी जहां गेंद बार-बार सीमा रेखा के पार जा रही थी और रिकॉर्ड बुक के पन्ने पलटे जा रहे थे।

एक्स्ट्रा रन हटाकर भी भारत ने रचा नया कीर्तिमान

अक्सर मैचों में अतिरिक्त रनों की वजह से स्कोर बड़ा हो जाता है, लेकिन इस मैच की गहराई कुछ और ही थी। अगर श्रीलंका द्वारा दिए गए 6 और भारत द्वारा दिए गए 11 (Cricket Match Analysis) अतिरिक्त रनों को घटा भी दिया जाए, तब भी यह मुकाबला एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करता है। वाइड, नो-बॉल और लेग बाई जैसे रनों को हटाकर भी शुद्ध बल्लेबाजी के दम पर बने रनों का आंकड़ा पिछले सभी कीर्तिमानों से कहीं आगे है। यह दर्शाता है कि बल्लेबाजों ने पिच का कितना शानदार फायदा उठाया और अपनी तकनीक व ताकत का सही मिश्रण पेश किया।

स्मृति और शेफाली की वो 162 रनों की तूफानी साझेदारी

मैच की शुरुआत में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, जिसे भारतीय ओपनर्स ने पहले ओवर से ही गलत साबित करना शुरू कर दिया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने (Record Opening Partnership) पहले विकेट के लिए महज 15.2 ओवरों में 162 रन जोड़ दिए। इस साझेदारी ने श्रीलंका के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया। स्मृति जहां अपनी क्लासिक टाइमिंग के लिए जानी जाती हैं, वहीं शेफाली ने अपनी पावर-हिटिंग से श्रीलंकाई फील्डर्स को दर्शक बना दिया। इस साझेदारी ने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचाया, बल्कि आने वाले बल्लेबाजों के लिए भी बेखौफ खेलने का मंच तैयार कर दिया।

ऋचा घोष की आतिशी पारी ने श्रीलंका को किया चारों खाने चित

ओपनर्स के जाने के बाद भी भारतीय पारी की रफ्तार कम नहीं हुई। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने आईं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने (Explosive Batting Performance) मैदान पर आते ही कोहराम मचा दिया। ऋचा ने महज 16 गेंदों का सामना किया और ताबड़तोड़ 40 रन कूट डाले। उनकी इस छोटी लेकिन बेहद प्रभावशाली पारी ने भारत के स्कोर को 200 के पार पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। अंत में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी नाबाद 16 रन बनाकर टीम को 221 के रिकॉर्ड स्कोर तक पहुँचाया। ऋचा की इस बल्लेबाजी ने साबित कर दिया कि भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर अब किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख पलटने का दम रखता है।

आंकड़ों की जुबानी: बिना शतक के सबसे बड़े मैचों की फेहरिस्त

अगर हम महिला टी20आई के इतिहास पर नजर डालें, तो बिना किसी शतक के सबसे ज्यादा रनों वाले मैचों की लिस्ट में अब भारत बनाम श्रीलंका मुकाबला शीर्ष पर आ गया है। इस मैच में कुल (Women’s T20 World Records) 395 रन केवल बल्लेबाजों के बल्ले से निकले। इससे पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2022 में मुंबई में हुए मैच में 356 रन बने थे। इसी तरह वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी भारत के मैचों में बड़े स्कोर बने हैं, लेकिन 395 रनों का यह नया आंकड़ा छूना किसी भी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। भारतीय सरजमीं पर बने ये रिकॉर्ड्स बता रहे हैं कि महिला क्रिकेट का भविष्य कितना उज्ज्वल है।

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