बिहार

Admission – बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में आज से शुरू होगी नियमित पढ़ाई

Admission – बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 211 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में आज से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो रही हैं। इस पहल का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर से करेंगे। राज्य सरकार के अन्य मंत्री भी अलग-अलग जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर नए महाविद्यालयों का उद्घाटन करेंगे। शुरुआती चरण में इन संस्थानों में हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र विषयों की पढ़ाई शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग के अनुसार आगे अन्य विषयों को भी चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा।

bihar new degree colleges

उद्घाटन की तैयारियां पूरी

उच्च शिक्षा निदेशक एन.के. अग्रवाल ने बताया कि सभी 211 डिग्री कॉलेजों में सत्र प्रारंभ करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कॉलेजों में प्राचार्यों और शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है ताकि पढ़ाई समय पर शुरू हो सके। भागलपुर से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से सभी कॉलेजों में एक साथ शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया जाएगा। विभिन्न जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भी उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित होंगे।

पटना समेत कई जिलों में खुले नए कॉलेज

पटना जिले के घोसवरी, खुसरूपुर, अथमलगोला, मनेर, दनियावां, संपतचक और बेलछी प्रखंडों में नए सरकारी डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं। भागलपुर के गोराडीह प्रखंड स्थित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह भी शामिल होंगे। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की है। कार्यक्रम स्थल के निकट हेलीकॉप्टर उतरने के लिए विशेष हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं।

शिक्षकों की कमी बनी चुनौती

हालांकि नए कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने के साथ कुछ संस्थानों में शिक्षकों की कमी भी सामने आई है। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत पटना और नालंदा जिले के 16 नए कॉलेजों में फिलहाल सीमित शिक्षकीय संसाधनों के साथ सत्र शुरू किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इन कॉलेजों में अभी तक 861 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है, लेकिन अधिकांश विषयों के लिए नियमित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति शेष है।

अस्थायी व्यवस्था से चलेगी पढ़ाई

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति पूरी होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पढ़ाई जारी रखी जाएगी। जहां आवश्यकता होगी, वहां अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कई कॉलेजों में प्राचार्य और उपलब्ध शिक्षक ही शैक्षणिक व प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक उपलब्ध होते ही सभी विषयों की नियमित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।

विश्वविद्यालय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

नवस्थापित कॉलेजों के उद्घाटन और प्रारंभिक संचालन की निगरानी के लिए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने कुलपति, कुलसचिव, डीन, परीक्षा नियंत्रक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों समेत 16 प्रतिनिधियों की प्रतिनियुक्ति की है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन कॉलेजों के माध्यम से ग्रामीण और प्रखंड स्तर के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर उपलब्ध होगा।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.