BiharMurder – ईओ विमल कुमार हत्याकांड में जारी हुए स्पीडी ट्रायल के निर्देश
BiharMurder- बिहार के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में राज्य सरकार ने त्वरित न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात कही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बताया कि इस मामले में जिला प्रशासन को स्पीडी ट्रायल कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री से मिलीं मृतक अधिकारी की पत्नी
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि विमल कुमार की पत्नी बबिता कुमारी ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। बबिता कुमारी ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने परिवार की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। मुलाकात के समय सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव भी मौजूद रहे।
औरंगाबाद में हुई थी वारदात
यह घटना औरंगाबाद जिले में उस समय हुई थी, जब कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार डेहरी से पटना जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, रास्ते में बरुण थाना क्षेत्र के धनौती पुल के पास उन पर हमला हुआ। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चालक पर हत्या का आरोप
पुलिस जांच के दौरान मृतक के कार चालक को हिरासत में लिया गया। शुरुआती पूछताछ में चालक ने दावा किया था कि कुछ अज्ञात बाइक सवारों ने अधिकारी पर हमला किया। हालांकि, जांच के दौरान उसके बयान में लगातार बदलाव आने पर पुलिस को संदेह हुआ। अधिकारियों के अनुसार, बाद की पूछताछ में चालक ने कथित रूप से लोहे की रॉड से हमला कर हत्या करने की बात स्वीकार की। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
विपक्ष ने जांच पर उठाए सवाल
इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हो रहा है और सभी संभावित पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि मृतक के परिजनों की शिकायत के बावजूद कुछ नामों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अधिकारियों की सुरक्षा पर भी उठी चिंता
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि हाल के समय में प्रशासनिक अधिकारियों पर हमलों की घटनाओं ने सरकारी कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने मामले की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि घटना में एक से अधिक लोगों की भूमिका रही है, तो जांच में उस पहलू को भी शामिल किया जाना चाहिए।
जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल पुलिस मामले की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और न्यायिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। मामले की जांच जारी है और आगे की प्रगति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।