ByElection – बांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवारों पर टिकी नजर, सियासी सरगर्मी तेज…
ByElection – बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधानसभा से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई है। ऐसे में होने वाला यह चुनाव केवल खाली सीट भरने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे प्रमुख राजनीतिक दलों की रणनीति और संगठनात्मक ताकत की भी अहम परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा, राजद और जन सुराज सहित कई दलों की नजर इस सीट पर टिकी हुई है।

उम्मीदवार चयन पर टिकी राजनीतिक नजरें
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब सबसे अधिक चर्चा प्रत्याशियों को लेकर हो रही है। भाजपा के लिए यह सीट लंबे समय से मजबूत गढ़ रही है, इसलिए उम्मीदवार के चयन को लेकर पार्टी के भीतर भी गंभीर मंथन चल रहा है। वहीं विपक्षी दल इस अवसर को भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में चुनौती पेश करने के रूप में देख रहे हैं। जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी राजनीतिक हलकों में बनी हुई हैं, हालांकि अंतिम घोषणा का इंतजार है।
लंबे समय से भाजपा का रहा है दबदबा
परिसीमन से पहले यह क्षेत्र पटना पश्चिम विधानसभा के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2008 के बाद इसका नाम बांकीपुर हो गया। इस सीट पर भाजपा का प्रभाव पिछले कई दशकों से कायम है। दिवंगत नेता नवीन किशोर सिन्हा ने यहां से लगातार प्रतिनिधित्व किया था। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में नितिन नवीन ने जीत दर्ज की और तब से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट खाली हुई है।
भाजपा में कई नामों की चर्चा
पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रो. रणवीर नंदन, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक को संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्थानीय सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखकर उम्मीदवार का चयन किया जा सकता है। नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण अगले कुछ दिनों में तस्वीर साफ होने की संभावना है।
विपक्ष भी तैयार कर रहा चुनावी रणनीति
महागठबंधन की ओर से इस सीट पर राजद के मैदान में उतरने की संभावना है। पिछला चुनाव लड़ चुकी रेखा कुमारी का नाम फिर चर्चा में है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। दूसरी ओर जन सुराज भी इस सीट को प्रतिष्ठा का चुनाव मान रहा है। भाजपा प्रदेश नेतृत्व का दावा है कि संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और उम्मीदवार चाहे कोई भी हो, पार्टी को जनता का समर्थन मिलेगा। अब सभी दलों की नजर उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा और चुनावी अभियान की शुरुआत पर है।