CBI Probe – भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष जांच की उठी मांग
CBI Probe – बिहार में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बुधवार को तहसील मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। ब्राह्मण समाज के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम राजेश कुमार सिंह को सौंपते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की।

प्रदर्शन में उठी निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि किसी भी घटना को लेकर समाज में सवाल उठ रहे हैं, तो उसकी पारदर्शी जांच होना न्याय व्यवस्था के हित में है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
समाज के प्रतिनिधियों ने रखी अपनी बात
ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि दीपक दीक्षित ने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर कई तरह के सवाल सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार, घटना की परिस्थितियों को देखते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
डॉ. संजीव तिवारी ने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना था कि मामले की सत्यता सामने आने से ही सभी पक्षों को न्याय मिल सकेगा।
सर्वसमाज के लोगों ने भी दर्ज कराई भागीदारी
प्रदर्शन में केवल ब्राह्मण समाज के सदस्य ही नहीं, बल्कि विभिन्न वर्गों के लोगों ने भी हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि उनकी मांग को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संजीव तिवारी, अक्षय पंडित, सुदीप चौहान, अतुल शर्मा, आशीष शर्मा, विनीत उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे नियमानुसार आगे भेजने की बात कही।