ElectricShock – नवादा में टूटे बिजली तार की चपेट में आई मां-बेटी की हुई मौत
ElectricShock – बिहार के नवादा जिले के परनाडाबर गांव में शुक्रवार को बिजली के टूटे तार ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। घर से करीब 10 मीटर दूर सड़क पर खेल रही मासूम बच्ची अचानक हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई। बेटी को करंट से तड़पता देखकर उसकी मां उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन वह भी बिजली के संपर्क में आ गई। कुछ ही देर में दोनों ने मौके पर दम तोड़ दिया। हादसे की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

सड़क पर गिरे तार ने ली मां-बेटी की जान
मृतकों की पहचान राजेश मांझी की पत्नी रानी देवी और उनकी मासूम बेटी दुलारी कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि बिजली का तार अचानक टूटकर सड़क पर गिर गया था। उस समय आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। इसी दौरान बच्ची खेलते हुए तार के संपर्क में आ गई। मां ने बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह खुद भी करंट की चपेट में आ गई। हादसा घर के बिल्कुल नजदीक होने के कारण परिवार के लोग भी कुछ ही समय में वहां पहुंच गए।
छोटे बेटे के सामने हुआ दर्दनाक हादसा
घटना के समय परिवार का पांच वर्षीय बेटा भी आसपास मौजूद था। बताया गया कि उसने मां और बहन को बिजली के तार की चपेट में आने के बाद तड़पते देखा और मदद के लिए शोर मचाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सावधानी बरतते हुए लाठी-डंडे की मदद से दोनों को तार से अलग करने की कोशिश की और बिजली की आपूर्ति बंद कराई। हालांकि तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
घटना की सूचना मिलने के बाद परनाडाबर थाने की अपर थानाध्यक्ष ब्यूटी कुमारी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद दोनों शवों की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, नवादा भेज दिया गया। पुलिस हादसे से जुड़े परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। घटना के कारणों और बिजली तार के सड़क पर गिरने की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली जा रही है।
तार कब टूटा, ग्रामीणों को नहीं थी जानकारी
हादसे के बाद ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि बिजली का तार आखिर कब टूटकर सड़क पर गिरा। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्हें पहले से तार के जमीन पर पड़े होने की जानकारी नहीं थी। आशंका जताई जा रही है कि हादसे से कुछ समय पहले ही तार टूटकर गिरा होगा। जैसे ही लोगों को मां-बेटी के करंट की चपेट में आने की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए। लोगों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रानी देवी और उनकी बेटी की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। पति राजेश मांझी और पांच वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। राजेश मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। एक ही हादसे में पत्नी और बेटी को खोने के बाद परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है।