Mineral Mining – गया और रोहतास में तेज हुई खनिज ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी
Mineral Mining – बिहार में बड़े खनिज भंडार वाले चिह्नित क्षेत्रों को लेकर अब नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है। गया और रोहतास जिलों में खनिज संसाधनों की पहचान के बाद खनन गतिविधियों की तैयारी तेज कर दी गई है। गया के खिजरसराय प्रखंड के सपनेरी और शेरघाटी क्षेत्र के पास बांके बाजार प्रखंड की लुटुआ ग्राम पंचायत में खनिज ब्लॉक चिह्नित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में मैग्नेटाइट और रेयर मेटल से जुड़े भंडार सामने आए हैं। वहीं, रोहतास जिले के रोहतास और नौहट्टा प्रखंडों के नवाडीह, शाहपुर, अकबरपुर और टीपा इलाकों में ग्लूकोनाइट के भंडार की पहचान हुई है। सर्वेक्षण के परिणामों को बिहार में खनिज क्षेत्र के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

17 अगस्त को पटना पहुंचेगी केंद्रीय टीम
केंद्रीय स्तर पर होने वाली नीलामी की तैयारियों के तहत खान एवं भूतत्व मंत्रालय की एक टीम 17 अगस्त को पटना पहुंचेगी। इस दौरान संभावित निवेशकों को खनिज ब्लॉकों से जुड़ी जानकारी देने के लिए रोड शो आयोजित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम में इन क्षेत्रों में मौजूद औद्योगिक संभावनाओं के साथ नीलामी की प्रक्रिया और नई नीतियों की जानकारी साझा की जाएगी। निवेशकों को बोली लगाने की प्रक्रिया, प्रस्तावित समय-सारणी, पर्यावरणीय मंजूरियों और सामाजिक प्रभावों से जुड़े पहलुओं के बारे में भी बताया जाएगा। स्थानीय स्तर पर खनन से रोजगार के संभावित अवसरों को भी इस प्रस्तुति का हिस्सा बनाया जाएगा।
14 बड़े खनिज ब्लॉकों पर चल रही प्रक्रिया
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार के खान मंत्रालय ने बिहार में बड़े खनिजों से जुड़े 14 ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध कराए हैं। इनमें रोहतास के दो और गया के एक ब्लॉक की नीलामी केंद्र सरकार के स्तर पर होनी है। रोहतास के एक अन्य ब्लॉक की नीलामी राज्य सरकार की ओर से कराई जा चुकी है, जबकि बाकी 10 ब्लॉकों के लिए प्रक्रिया अभी आगे बढ़ रही है। विभाग को उम्मीद है कि सभी संबंधित नीलामियां पूरी होने के बाद राज्य के खजाने में 5000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आ सकता है। हालांकि वास्तविक राजस्व नीलामी की अंतिम प्रक्रिया और खनन गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
रोहतास में ग्लूकोनाइट का महत्वपूर्ण भंडार
रोहतास में मिले ग्लूकोनाइट को पोटेशियम के संभावित स्रोत के रूप में देखा जा रहा है। इसका इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने तथा उर्वरक तैयार करने के लिए कच्चे माल के तौर पर किया जा सकता है। इसके अलावा सर्वेक्षण के दौरान वैनेडियम से जुड़े भंडार की भी जानकारी सामने आई है। वैनेडियम का बड़ा हिस्सा मिश्र धातु तैयार करने में इस्तेमाल होता है और इससे मजबूत स्टील बनाने में मदद मिलती है। ऐसे स्टील का उपयोग पुलों, ऊंची इमारतों, सुरंगों और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है।
मैग्नेटाइट से बढ़ सकती है औद्योगिक संभावनाएं
गया में सामने आए मैग्नेटाइट को लौह-अयस्क के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इसमें लौह तत्व की मात्रा लगभग 60 से 72 प्रतिशत तक हो सकती है और इसका प्रमुख उपयोग लोहा तथा स्टील बनाने में होता है। यदि नीलामी और उसके बाद की प्रक्रियाएं तय नियमों के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो इन खनिज संसाधनों के व्यावसायिक उपयोग से बिहार के खनन और औद्योगिक क्षेत्र को नई संभावनाएं मिल सकती हैं। फिलहाल सरकार का जोर नीलामी प्रक्रिया, निवेशकों को जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक मंजूरियों की रूपरेखा स्पष्ट करने पर है।
अधिकारियों ने प्रक्रिया को लेकर दी जानकारी
खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह के अनुसार, गया और रोहतास में खनन से जुड़े ब्लॉकों की नीलामी केंद्र सरकार के स्तर पर आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इसी सिलसिले में 17 अगस्त को केंद्रीय टीम पटना आएगी और रोड शो के माध्यम से संभावित निवेशकों को आवश्यक जानकारी दी जाएगी। विभाग के मुताबिक, आगे की प्रक्रिया में नीलामी से जुड़े नियमों के साथ पर्यावरणीय और सामाजिक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।