Muzaffarpur Murder Crime News: जल्लाद बना 27 साल बाद लौटा पति, पत्नी का सिर काटकर लाश के साथ बिताई रात…
Muzaffarpur Murder Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी जीवनसंगिनी के साथ जो हैवानियत की, उसे सुनकर पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। मामूली विवाद में शुरू हुई बात इस कदर बढ़ी कि (Domestic Violence Extremity) का यह मामला एक खौफनाक हत्याकांड में तब्दील हो गया। आरोपी ने न केवल अपनी पत्नी की जान ली, बल्कि क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।

मनियारी थाना क्षेत्र के अमरख गांव में मातम
यह दिल दहला देने वाली घटना मनियारी थाना इलाके के अमरख गांव की है। यहां के निवासी कपिलेश्वर महतो ने अपनी 50 वर्षीय पत्नी सुरजी देवी की (Fatal Weapon Attack) से हत्या कर दी। गांव वालों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि जो शख्स डेढ़ साल पहले ही घर वापस लौटा था, वह अपनी ही पत्नी का हत्यारा बन जाएगा। सोमवार की देर रात जब गांव सो रहा था, तब इस घर में मौत का खूनी खेल खेला जा रहा था।
दबिया से वार और रात भर शव के साथ पहरा
मिली जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच सोमवार को किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद इतना बढ़ा कि कपिलेश्वर ने घर में रखा ‘दबिया’ (तेज धारदार हथियार) उठा लिया और पत्नी के सिर पर वार कर दिया। जब महिला बेहोश होकर गिर गई, तो उसने (Brutal Homicide Case) को अंजाम देते हुए उसकी गर्दन काट दी। हैरानी की बात यह है कि हत्या करने के बाद आरोपी पति भागा नहीं, बल्कि पूरी रात अपनी पत्नी की कटी हुई लाश के साथ उसी कमरे में बैठा रहा।
सुबह भागने की कोशिश और ग्रामीणों की बहादुरी
मंगलवार की सुबह जब उजाला हुआ, तब कपिलेश्वर ने खुद ग्रामीणों को इस घटना की जानकारी दी और वहां से फरार होने की फिराक में लग गया। जैसे ही लोगों ने कमरे के भीतर का (Crime Scene Discovery) देखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए भाग रहे कपिलेश्वर को खदेड़कर दबोच लिया। गुस्से में आए लोगों ने उसे पकड़कर तुरंत स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
27 साल का वनवास और फिर खूनी वापसी
इस कहानी का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि कपिलेश्वर महतो करीब 27 साल पहले अपने परिवार को छोड़कर कहीं चला गया था। उसकी अनुपस्थिति में पत्नी सुरजी देवी ने संघर्ष कर बच्चों को पाला और बेटी की शादी की। लगभग डेढ़ साल पहले वह (Family Reintegration Conflict) की स्थिति में बीमार हालत में घर लौटा था। बच्चों ने फर्ज निभाते हुए पिता का इलाज कराया और उसे साथ रखा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस पिता की वे सेवा कर रहे हैं, वही उनकी मां का काल बन जाएगा।
अस्पताल में ड्यूटी पर था बेटा, घर में हो गया कत्ल
घटना की रात कपिलेश्वर का बेटा, जो मनियारी सरकारी अस्पताल में कार्यरत है, अपनी ड्यूटी पर तैनात था। घर में सिर्फ बुजुर्ग माता-पिता ही थे, जिसका फायदा उठाकर कपिलेश्वर ने इस (Spousal Murder Investigation) को अंजाम दिया। सुबह जब बेटे को मां की मौत की खबर मिली, तो वह बदहवास होकर घर पहुंचा। एक पल में उसकी पूरी दुनिया उजड़ चुकी थी—मां की लाश सामने थी और पिता कातिल के रूप में पुलिस की गिरफ्त में।
फॉरेंसिक टीम की जांच और कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ पश्चिमी और थानाध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच (SKMCH Postmortem Report) भेज दिया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक विभाग की टीम को भी बुलाया गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और बेटे के आवेदन के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरे सवाल
इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर एक व्यक्ति के मन में इतनी नफरत कहां से आती है। 27 साल तक बाहर रहने के बाद वापस लौटकर (Mental Health and Crime) के इस डरावने स्वरूप ने सबको डरा दिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक थी या उसने सोची-समझी साजिश के तहत इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है। मुजफ्फरपुर का यह अमरख गांव फिलहाल इस खूनी दास्तान के गम से उबर नहीं पा रहा है।