NEETProtest – बिहार सरकार के फैसले पर तेजस्वी यादव ने दी प्रतिक्रिया
NEETProtest- बिहार सरकार ने NEET UG परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जनदबाव का परिणाम बताया, वहीं उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।

फैसले को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया
राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने देर रात आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने का निर्णय सकारात्मक कदम है। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई को उचित नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग जैसे मामलों की भी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
सीवान घटना पर उठाई जवाबदेही की मांग
तेजस्वी यादव ने सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा असॉल्ट राइफल से गोली चलाने का मामला सामने आया है, तो केवल संबंधित कर्मी ही नहीं बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
सरकार ने मुकदमे वापस लेने का किया है ऐलान
इससे पहले बिहार सरकार के गृह विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी कर कहा था कि NEET UG परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान 26 जुलाई की शाम छह बजे तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही इन मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को भी शीघ्र रिहा करने की बात कही गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
भविष्य में कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन
गृह विभाग की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा तक हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा दर्ज प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी हलचल
सरकार के इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्ष इसे अपनी मांगों की सफलता बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि निर्णय कानून सम्मत प्रक्रिया के तहत लिया गया है। आने वाले दिनों में मुकदमे वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की प्रक्रिया किस गति से आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।