NIA – 10 राज्यों में एक साथ छापेमारी, तेज हुई संदिग्ध आतंकी नेटवर्क की जांच
NIA- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय संदिग्ध कट्टरपंथी नेटवर्क की जांच के तहत बुधवार को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी ने बिहार समेत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी अब फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इन उपकरणों से जांच को आगे बढ़ाने और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

तकनीकी जांच के आधार पर चुने गए ठिकाने
एनआईए के अनुसार जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, उनका चयन पहले से जब्त डिजिटल सामग्री के तकनीकी विश्लेषण, गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों और अब तक जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के आधार पर किया गया था। यह अभियान बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में चलाया गया।
ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने की जांच
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में ऐसे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है, जो इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को भड़काने तथा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। एनआईए के मुताबिक प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्धों के विदेशी संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जानकारी सामने आई है। एजेंसी इन पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।
मार्च में दर्ज मामले से जुड़ी कार्रवाई
यह मामला मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में दर्ज किया गया था। बाद में मई 2026 में इसकी जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली। जांच के दौरान अब तक 11 आरोपियों और एक किशोर को हिरासत में लिया जा चुका है। एजेंसी के अनुसार शुरुआती कार्रवाई मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के ठिकाने पर तलाशी के बाद शुरू हुई थी, जहां से प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा किया गया था।
डिजिटल साक्ष्यों की होगी फॉरेंसिक जांच
एनआईए ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइल फोन, कंप्यूटर, स्टोरेज डिवाइस और अन्य डिजिटल उपकरणों की विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी। जांच एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदिग्धों का नेटवर्क कितना व्यापक था, वे किन माध्यमों से संपर्क में थे और उनकी गतिविधियों का दायरा किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था। एजेंसी ने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य मामलों से भी जोड़े जा रहे जांच के बिंदु
जांच एजेंसी कुछ अन्य मामलों के साथ भी संभावित कड़ियों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर यह देखा जा रहा है कि क्या अलग-अलग घटनाओं के बीच कोई संबंध मौजूद है। फिलहाल एनआईए ने किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है और जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल जारी रहेगी।