Revenue Action – बिहार में राजस्व विभाग की सख्ती, कई अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
Revenue Action – बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने विभिन्न जिलों में कार्यरत कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच, आरोप निर्धारण, वेतन वृद्धि पर रोक और विशेष समीक्षा जैसे कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी प्रकार की ढील देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता आम लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कई अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई
विभागीय स्तर पर जिन अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की गई, उनके खिलाफ अलग-अलग प्रकार की कार्रवाई शुरू की गई है। इनमें वर्तमान और पूर्व में विभिन्न जिलों में तैनात रहे राजस्व तथा अंचल स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित मामलों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं और कार्य निष्पादन की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है। विभाग का कहना है कि सभी कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की जा रही हैं।
भूमिहीन परिवारों को लेकर नया निर्देश
राजस्व विभाग ने जिलाधिकारियों और अंचल अधिकारियों के लिए एक नया निर्देश भी जारी किया है। इसके तहत अधिकारियों को अपने क्षेत्र में भूमिहीन परिवारों की स्थिति का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र परिवारों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की योजना का लाभ समय पर मिल सके। विभागीय समीक्षा के दौरान कुछ क्षेत्रों में पात्र लोगों के चयन को लेकर सवाल सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
अभियान के तहत होगी विशेष निगरानी
राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के अभियान को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे परिवारों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करें।
विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को लाभ से वंचित रखा गया है तो उसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया की निगरानी जिला स्तर पर भी की जाएगी।
लंबित मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व मामलों से जुड़े लंबित आवेदनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज, भूमि अभिलेख संशोधन, मापी और अन्य सेवाओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न कारणों से लंबित हुए मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना आवश्यक है। इसके लिए अधिकारियों को अतिरिक्त समय देकर काम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आवेदकों से संवाद की सलाह
विभाग ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि किसी आवेदन को अस्वीकार करने से पहले संबंधित व्यक्ति से बातचीत की जाए। इससे आवेदक अपनी बात रख सकेगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
सरकार का मानना है कि प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद से शिकायतों में कमी आएगी और लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
जिलाधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी
राजस्व विभाग ने जिलाधिकारियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उन्हें अंचल स्तर पर निस्तारित मामलों की जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। इसके तहत चयनित मामलों की समीक्षा कर यह देखा जाएगा कि प्रक्रियाओं का पालन सही ढंग से हुआ या नहीं।
विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।