StormAlert – बिहार में आंधी और ओलावृष्टि से आठ लोगों की हुई मौत
StormAlert – बिहार के कई जिलों में मंगलवार और बुधवार को बदले मौसम ने भारी तबाही मचाई। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण अलग-अलग इलाकों में आठ लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। उत्तर और पूर्व बिहार के जिलों में पेड़ गिरने, बिजली के पोल टूटने और मकानों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। खराब मौसम का असर आम जनजीवन के साथ-साथ खेती और बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया।

मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण में तेज हवाओं के दौरान पेड़ और दीवार गिरने से दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं पूर्वी बिहार के अन्य इलाकों में भी चार लोगों की जान गई। अचानक आए इस मौसम बदलाव से कई क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
फलों की खेती को सबसे ज्यादा नुकसान
आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर आम और लीची की खेती पर पड़ा है। तेज हवाओं के चलते बड़ी संख्या में कच्चे और तैयार फल पेड़ों से गिर गए। किसानों का कहना है कि इस मौसम से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। खासकर मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में लीची की फसल को गंभीर क्षति पहुंची है।
हालांकि कुछ किसानों के लिए बारिश राहत लेकर भी आई। गन्ना, मूंग और हरी सब्जियों की खेती में नमी बढ़ने से फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गर्मी के बाद हुई बारिश से कुछ फसलों को बेहतर वातावरण मिला है, लेकिन बागवानी करने वाले किसानों की चिंता फिलहाल बढ़ गई है।
बिजली और यातायात व्यवस्था हुई प्रभावित
भागलपुर शहर समेत कई जिलों में तेज आंधी के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जगह-जगह बिजली के पोल और तार टूटकर गिर गए, जिससे कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बंद रही। हालात का जायजा लेने के लिए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार खुद भागलपुर पहुंचे।
भागलपुर-बौंसी मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से लंबे समय तक यातायात बाधित रहा। शाहकुंड इलाके में दरियापुर-हरथापुर सड़क पर बना पुराना पुल भी तेज बारिश और हवाओं के बीच क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इसके कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई जिलों में पेड़ उखड़े, सोलर पैनल उड़े
दरभंगा और मधुबनी समेत कई जिलों में तेज हवा का असर साफ दिखाई दिया। दरभंगा में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और मकानों की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल हवा में उड़ गए। मधुबनी में सड़क किनारे लगे बड़े-बड़े होर्डिंग और बैनर भी गिर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। बिजली विभाग की टीमें टूटे तारों और पोलों को ठीक करने में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की है।
सरकार की ओर से जिलों को स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जरूरतमंद परिवारों को जल्द राहत पहुंचाई जाएगी।